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CAPF: J&K चुनाव में दो लीटर तेल में कैसे दौड़ेगी CAPF कमांडरों की गाड़ी, सहायक कमांडेंट को मात्र डेढ़ लीटर तेल
सार
जम्मू-कश्मीर के रेयासी जिले के पुलिस कप्तान की तरफ 4 सितंबर को एक आदेश निकाला गया। इसमें चुनावी ड्यूटी पर आए केंद्रीय बलों का जिक्र किया गया था। आदेश में कहा गया कि सीएपीएफ के कमांडेंट की गाड़ी के लिए एक दिन में केवल दो लीटर तेल स्वीकृत होगा। साथ ही कंपनी कमांडर के पास जो गाड़ी रहेगी, उसके लिए डेढ़ लीटर तेल ही मंजूर किया जाएगा।
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जम्मू-कश्मीर चुनाव में नियम की कैसी मजबूरी?
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में ड्यूटी दे रहे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों को उनकी दिनभर की ड्यूटी के लिए मात्र दो लीटर तेल मिलेगा। चाहे कुछ भी हो जाए, उन्हें दो लीटर तेल में ही काम चलाना है। महज दो लीटर तेल में एक गाड़ी कितनी दूरी तय कर सकती है, ये अंदाजा लगाया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर में तो पहाड़ी क्षेत्र भी है। ऐसे में वहां पर गाड़ी की माईलेज और भी ज्यादा कम हो जाती है। इतना ही नहीं, सीएपीएफ के कंपनी कमांडर की गाड़ी के लिए तेल की मात्रा और भी कम कर दी गई है। यानी उसे तो केवल डेढ़ लीटर तेल में ही दिनभर की ड्यूटी पूरी करनी है। कहीं मुठभेड़ हो जाए, किसी को अस्पताल पहुंचाना हो या आतंकियों का पीछा करना पड़े तो उस स्थिति में उन्हें पहले तेल का जुगाड़ करना होगा। दो लीटर तेल में वे पीछा कैसे करेंगे, ये भी सोचने वाली बात है। लोकसभा चुनाव में सीएपीएफ कमांडरों के लिए तेल की मात्रा, दस लीटर प्रतिदिन रखी गई थी।
रेयासी जिले के एसपी ने जारी किया आदेश
जम्मू-कश्मीर के रेयासी जिले के पुलिस कप्तान की तरफ 4 सितंबर को एक आदेश निकाला गया। इसमें चुनावी ड्यूटी पर आए केंद्रीय बलों का जिक्र किया गया था। आदेश में कहा गया कि सीएपीएफ के कमांडेंट की गाड़ी के लिए एक दिन में केवल दो लीटर तेल स्वीकृत होगा। साथ ही कंपनी कमांडर के पास जो गाड़ी रहेगी, उसके लिए डेढ़ लीटर तेल ही मंजूर किया जाएगा। विधानसभा चुनाव में गश्त करनी है, पोलिंग पार्टी को बूथ तक ले जाना है या दूसरे सुरक्षा इंतजाम चेक करने हैं, इन सबके लिए दो लीटर तेल ही मिलेगा। इस मात्रा में तो कोई भी वाहन, बीस पच्चीस किलोमीटर की ही दूरी तय कर पाएगा। ग्राउंड की स्थिति यह रहती है कि एक ही कंपनी को अगर कोई कमांडर तीन बार भी चेक करता है तो उसमें ही 40-50 लीटर तेल खर्च हो जाता है।
आदेश में यह भी लिख दिया कि तेल की इसी मात्रा में ड्यूटी करनी है, इससे ज्यादा तेल नहीं मिलेगा। केंद्रीय सुरक्षा बलों में यह आदेश वायरल हो गया। जो अधिकारी, लंबे समय से जम्मू कश्मीर में तैनात हैं, उन्हें वहां की सुरक्षा ड्यूटी मालूम है। वह ड्यूटी ऐसी नहीं होती है कि एक पिलर से चलकर केवल दूसरे पिलर तक पहुंचना है। बीच रास्ते में कुछ भी संभव है।
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आदेश पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तीखी प्रतिक्रिया
इस आदेश पर केंद्रीय सुरक्षा बलों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आने लगी। सूत्रों के मुताबिक, वह बात रेयासी पुलिस कप्तान तक भी पहुंच गई। इसके बाद उन्होंने एक दूसरा आदेश निकाला। उसमें लिखा था, तेल को लेकर पहले जो आदेश जारी किया गया था, उसे निरस्त कर दिया गया है। अब सीएपीएफ अफसरों को विधानसभा चुनाव की ड्यूटी के दौरान पूरा तेल मिलेगा। यानी जितनी भी आवश्यकता होगी, तेल की उतनी ही मात्रा स्वीकृत की जाएगी। तेल पर्याप्त मात्रा में मिलेगा।
लोकसभा चुनाव में ये था मानक
लोकसभा चुनाव के दौरान भी एक ऐसा ही आदेश निकला था। वह आदेश 27 अप्रैल 2024 को कुलगाम जिला पुलिस की तरफ से जारी हुआ था। उसमें लिखा था, जम्मू कश्मीर में चुनावी ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय बलों को पेट्रोल डीजल मिलने का कोटा तय होता है। लोकसभा चुनाव के दौरान कुलगाम जिला पुलिस ने इसके लिए अतिरिक्त एसपी नेशनल हाइवे की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी कि किसे कितना फ्यूल दिया जाए। लोकसभा चुनाव में जेडओ के लिए 10 लीटर प्रतिदिन तेल निर्धारित किया गया। कंपनी कमांडर के लिए 10 लीटर प्रतिदिन और एसओ 'सेक्टर अफसर' के लिए 6 लीटर प्रतिदिन तेल की मात्रा तय की गई। आदेश में यह भी लिखा था कि ‘प्री पोल डे’ और ‘पोलिंग’ के दिन पर्याप्त फ्यूल प्रदान किया जाएगा।
पोलिंग पार्टी, बूथ तक बिना किसी बाधा के पहुंच जाए और वापस आ जाए, इसके तेल में कटौती नहीं होगी। सीएपीएफ की अगर बस '52 सीट' है तो उसके लिए 30 लीटर, बस '22 सीट' के लिए 20 लीटर और ट्रक के लिए 30 लीटर तेल मिलेगा। ट्रूप्स कैरियर के लिए 20 लीटर तेल की मात्रा निर्धारित की गई। इनोवा/टेवेरा/सूमो में 20 लीटर जेडओ के लिए और 15 लीटर एसओ के लिए तेल दिया जाएगा।
फ्यूल का इस्तेमाल सही हो रहा है या नहीं, इस पर नजर रखने के लिए डीएसपी 'डीएआर' को लगाया गया। डीएसपी को ही वाहन की लॉग बुक और इस्तेमाल सर्टिफिकेट आदि की रिपोर्ट तैयार करनी थी। यात्रा विवरण में मकसद, मीटर रीडिंग, किलोमीटर, कितना तेल भरवाया गया, ड्राइवर का रैंक और बेल्ट नंबर, आदि जानकारी देनी होती है।
सीएपीएफ की एक बटालियन को मिलेंगे आठ सिम कार्ड
इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, चुनावी ड्यूटी के दौरान सीएपीएफ की एक बटालियन के लिए आठ सिम कार्ड जारी होंगे। इसके लिए आठ लोगों को एक एक हजार रुपये मिलेंगे। इनमें कमांडेंट, एडहॉक कमांडेंट और छह सहायक कमांडेंट शामिल हैं। ये सिम कार्ड, जेएंडके, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव में ड्यूटी के लिए इस्तेमाल होंगे। इलेक्शन सुपरवाइजर, लोडल एजेंसी, एमएचए और रेलवे सहित कई लोगों के साथ यह नंबर शेयर करने होते हैं। तैनाती और ड्यूटी से संबंधित सभी आदेश इन्हीं नंबरों पर आते हैं।
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रेयासी जिले के एसपी ने जारी किया आदेश
जम्मू-कश्मीर के रेयासी जिले के पुलिस कप्तान की तरफ 4 सितंबर को एक आदेश निकाला गया। इसमें चुनावी ड्यूटी पर आए केंद्रीय बलों का जिक्र किया गया था। आदेश में कहा गया कि सीएपीएफ के कमांडेंट की गाड़ी के लिए एक दिन में केवल दो लीटर तेल स्वीकृत होगा। साथ ही कंपनी कमांडर के पास जो गाड़ी रहेगी, उसके लिए डेढ़ लीटर तेल ही मंजूर किया जाएगा। विधानसभा चुनाव में गश्त करनी है, पोलिंग पार्टी को बूथ तक ले जाना है या दूसरे सुरक्षा इंतजाम चेक करने हैं, इन सबके लिए दो लीटर तेल ही मिलेगा। इस मात्रा में तो कोई भी वाहन, बीस पच्चीस किलोमीटर की ही दूरी तय कर पाएगा। ग्राउंड की स्थिति यह रहती है कि एक ही कंपनी को अगर कोई कमांडर तीन बार भी चेक करता है तो उसमें ही 40-50 लीटर तेल खर्च हो जाता है।
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आदेश में यह भी लिख दिया कि तेल की इसी मात्रा में ड्यूटी करनी है, इससे ज्यादा तेल नहीं मिलेगा। केंद्रीय सुरक्षा बलों में यह आदेश वायरल हो गया। जो अधिकारी, लंबे समय से जम्मू कश्मीर में तैनात हैं, उन्हें वहां की सुरक्षा ड्यूटी मालूम है। वह ड्यूटी ऐसी नहीं होती है कि एक पिलर से चलकर केवल दूसरे पिलर तक पहुंचना है। बीच रास्ते में कुछ भी संभव है।
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आदेश पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तीखी प्रतिक्रिया
इस आदेश पर केंद्रीय सुरक्षा बलों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आने लगी। सूत्रों के मुताबिक, वह बात रेयासी पुलिस कप्तान तक भी पहुंच गई। इसके बाद उन्होंने एक दूसरा आदेश निकाला। उसमें लिखा था, तेल को लेकर पहले जो आदेश जारी किया गया था, उसे निरस्त कर दिया गया है। अब सीएपीएफ अफसरों को विधानसभा चुनाव की ड्यूटी के दौरान पूरा तेल मिलेगा। यानी जितनी भी आवश्यकता होगी, तेल की उतनी ही मात्रा स्वीकृत की जाएगी। तेल पर्याप्त मात्रा में मिलेगा।
लोकसभा चुनाव में ये था मानक
लोकसभा चुनाव के दौरान भी एक ऐसा ही आदेश निकला था। वह आदेश 27 अप्रैल 2024 को कुलगाम जिला पुलिस की तरफ से जारी हुआ था। उसमें लिखा था, जम्मू कश्मीर में चुनावी ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय बलों को पेट्रोल डीजल मिलने का कोटा तय होता है। लोकसभा चुनाव के दौरान कुलगाम जिला पुलिस ने इसके लिए अतिरिक्त एसपी नेशनल हाइवे की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी कि किसे कितना फ्यूल दिया जाए। लोकसभा चुनाव में जेडओ के लिए 10 लीटर प्रतिदिन तेल निर्धारित किया गया। कंपनी कमांडर के लिए 10 लीटर प्रतिदिन और एसओ 'सेक्टर अफसर' के लिए 6 लीटर प्रतिदिन तेल की मात्रा तय की गई। आदेश में यह भी लिखा था कि ‘प्री पोल डे’ और ‘पोलिंग’ के दिन पर्याप्त फ्यूल प्रदान किया जाएगा।
पोलिंग पार्टी, बूथ तक बिना किसी बाधा के पहुंच जाए और वापस आ जाए, इसके तेल में कटौती नहीं होगी। सीएपीएफ की अगर बस '52 सीट' है तो उसके लिए 30 लीटर, बस '22 सीट' के लिए 20 लीटर और ट्रक के लिए 30 लीटर तेल मिलेगा। ट्रूप्स कैरियर के लिए 20 लीटर तेल की मात्रा निर्धारित की गई। इनोवा/टेवेरा/सूमो में 20 लीटर जेडओ के लिए और 15 लीटर एसओ के लिए तेल दिया जाएगा।
फ्यूल का इस्तेमाल सही हो रहा है या नहीं, इस पर नजर रखने के लिए डीएसपी 'डीएआर' को लगाया गया। डीएसपी को ही वाहन की लॉग बुक और इस्तेमाल सर्टिफिकेट आदि की रिपोर्ट तैयार करनी थी। यात्रा विवरण में मकसद, मीटर रीडिंग, किलोमीटर, कितना तेल भरवाया गया, ड्राइवर का रैंक और बेल्ट नंबर, आदि जानकारी देनी होती है।
सीएपीएफ की एक बटालियन को मिलेंगे आठ सिम कार्ड
इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, चुनावी ड्यूटी के दौरान सीएपीएफ की एक बटालियन के लिए आठ सिम कार्ड जारी होंगे। इसके लिए आठ लोगों को एक एक हजार रुपये मिलेंगे। इनमें कमांडेंट, एडहॉक कमांडेंट और छह सहायक कमांडेंट शामिल हैं। ये सिम कार्ड, जेएंडके, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव में ड्यूटी के लिए इस्तेमाल होंगे। इलेक्शन सुपरवाइजर, लोडल एजेंसी, एमएचए और रेलवे सहित कई लोगों के साथ यह नंबर शेयर करने होते हैं। तैनाती और ड्यूटी से संबंधित सभी आदेश इन्हीं नंबरों पर आते हैं।
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