फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Jallianwala Bagh 100 years: British High Commissioner, rahul gandhi lays wreath to martyrs

जलियांवाला बाग हत्याकांड की 100वीं बरसी पर राहुल गांधी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

Sat, 13 Apr 2019 02:42 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 13 Apr 2019 02:42 PM IST
विज्ञापन
Jallianwala Bagh 100 years: British High Commissioner, rahul gandhi lays wreath to martyrs
जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि देते राहुल गांधी, कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : ANI

13 अप्रैल 2019 को जलियांवाला बाग नरसंहार को 100 साल पूरे हो गए हैं। यह वही नरसंहार है जिसमें ब्रिटिश शासन में जनरल डायर ने निहत्थी भीड़ पर गोलियां चलाने का आदेश दिया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जलियांवाला बाग स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सभी नेताओं ने जलियांवाला बाग के भीतर स्थित स्मारक स्थल पर सुबह श्रद्धांजलि अर्पित की साथ ही 13 अप्रैल 1919 को बर्बर तरीके से मौत के घाट उतारे गए लोगों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा। 

विज्ञापन


हाल ही में इस घटना को लेकर ब्रिटिश सरकार ने औपचारिक तौर पर माफी मांगी थी। नरसंहार के 100 साल पूरे होने पर ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक एसक्विथ अमृतसर में स्थित जलियांवाला बाग के शहीद समारक पहुंचे और वहां जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन

 
इस मौके पर जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और पंजाब के राज्यपाल शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राहुल अमृतसर पहुंच गए हैं। वह सुबह आठ बजे श्रद्धांजलि देंगे। इस मौके पर शहीदों की स्मृति में सिक्का और डाक टिकट जारी किया जाएगा।

क्या है जलियांवाला बाग हत्याकांड

100 साल पहले 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी का दिन था। स्वर्ण मंदिर के नजदीक स्थित जलियांवाला बाग में 15-20 हजार भारतीय इकट्ठा थे। सभी लोग शांति से सभा कर रहे थे। इस सभा का आयोजन पंजाब के दो लोकप्रिय नेताओं को गिरफ्तारी और रोलेट एक्ट के विरोध में किया गया था। घटना से दो दिन पहले पंजाब में कुछ ऐसा हुआ था जिससे कि ब्रिटिश सरकार काफी गुस्से में थी।

सभा में कुछ लोग भाषण दे रहे थे। वहीं कुछ लोग ऐसे थे जो परिवार के साथ मेला देखने और शहर घूमने के लिए आए हुए थे। नेता जब बाग में रोड़ियों के ढेर पर खड़े होकर भाषण दे रहे थे तभी जनरल डायर ने बाग से बाहर निकलने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए। बाग से बाहर निकलने का जो रास्ता खुला था वहां डायर ने हथियारबंद गाड़ियां खड़ी कर दीं। 

लगभग 100 सैनिकों के साथ डायर बाग के गेट पर पहुंचा और 10 मिनट तक बिना रुके अंधाधुंध गोलियां चलवा दीं। गोलीबारी में हजारों लोगों की जान चली गई थी। गोली से बचने के लिए बहुत से लोगों ने कुएं में छलांग लगा दी थी। गोलीबारी के बाद कुएं से 200 से ज्यादा शव बरामद हुए थे। वहीं निकास का रास्ता संकरा होने की वजह से बहुत से लोग भगदड़ में कुचले गए थे। 



कहा जाता है कि 10 मिनट मे 1650 राउंड गोलियां चली थीं। डायर तब जाकर रुका जब उसके सैनिकों की गोलियां खत्म हो गईं। इस घटना में तकरीबन 1000 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 1500 से ज्यादा घायल हुए थे। लेकिन ब्रिटिश सरकार मरने वाले लोगों की संख्या 379 और घायल लोगों की संख्या 1200 बताती है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed