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Jal Nayak Award: बांदा के डीएम अनुराग समेत छह लोगों को ‘जल नायक’ सम्मान, जानिए क्या है इनका योगदान
Tue, 13 Sep 2022 05:37 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 13 Sep 2022 05:37 AM IST
सार
Jal Nayak Award: जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने ‘जल नायकः सफलता की अपनी कहानी साझा करें’प्रतियोगिता शुरू की है।
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बांदा के डीएम अनुराग पटेल
- फोटो : Twitter
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विस्तार
Jal Nayak Award: जल शक्ति मंत्रालय ने अगस्त महीने के लिए ‘जल नायक प्रतियोगिता’ के विजेताओं के नाम का एलान कर दिया है। छह पुरस्कार विजेताओं में यूपी के बांदा जिले के डीएम अनुराग पटेल सहित तीन लोग शामिल हैं। इन्हें पुरस्कार के रूप में 10-10 हजार रुपये नकद और प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
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जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने ‘जल नायकः सफलता की अपनी कहानी साझा करें’प्रतियोगिता शुरू की है। मंत्रालय के मुताबिक, यह प्रतियोगिता आबादी के एक बड़े हिस्से को देश में जल संरक्षण की महत्ता समझने के लिए प्रेरित करने की दृष्टि से शुरू की गई है।
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इसके अंतर्गत प्रतियोगिता के विजेता जल नायकों के अनुभवों को साझा किया जाता है, ताकि लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा हो, उनकी आदतों में बदलाव आए और वे पानी को बचाने के लिए जागरूक हो सकें। अगस्त 2022 के लिए छह विजेता चुने गए हैं।
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अनुराग पटेल
अनुराग बांदा के जिलाधिकारी हैं। उन्होंने जल संरक्षण के लिए ‘जल संचय-जीवन संचय’ और ‘जल कुंभी हटाओ-तालाब बचाओ अभियान’के रूप में दो महत्त्वपूर्ण प्रयास किए हैं। अनुराग ने 126 तालाबों से जलकुंभियों को हटवाने की पहल की। इसके अलावा चंद्रावल नदी को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में हिस्सा लिया। बताया गया है कि, अनुराग के प्रयासों से मिर्जापुर में 664 तालाबों और फर्रुखाबाद में 101 तालाबों को पुनर्जीवित किया गया।
अमित
अमित यूपी के जालौन जिले अंतर्गत मलकपुरा के ग्राम प्रधान हैं। इन्होंने आपने गांव के प्राथमिक विद्यालय में पोषक भोजन उपलब्ध कराने, पौधारोपण, पर्यावरण सुरक्षा और तलछट की सफाई के जरिए जल शोधन जैसी विभिन्न विकास गतिविधियों में हिस्सा लिया है।
दिव्यांश टंडन
दिव्यांश मेरठ के हैं और “पानी पंचायत” नामक अभियान से जुड़े हैं। इसके अंतर्गत वह विभिन्न गांवों, सड़कों, कस्बों, स्कूलों, मुहल्लों में जाकर लोगों को जागरूक करते हैं। टंडन (मेरठ छावनी) सारथी सामाजिक कल्याण सोसयटी के उपाध्यक्ष हैं।
स्नेहलता शर्मा
स्नेहलता मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास ब्लॉक के पिपरोधा गांव की हैं। वह पिछले एक वर्ष से जल संरक्षण तथा जल प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। पानी और उसके संरक्षण के लिए आसपास के गांवों में जागरूकता पैदा करने के लिए महिलाओं को जोड़ा और उन्हें नेतृत्व सौंपा। इन्होंने उन फसलों के बारे में भी लोगों में जागरूकता पैदा की, जिन्हें खेतों में कम पानी की जरूरत पड़ती है।
विनय विश्वनाथ गावस
गावस गोवा के परियोजना निदेशक हैं और केलावाड़े गांव, केरी सत्तारी, गोआ में घरों की छतों पर वर्षाजल संरक्षण तथा बोरवेल के पानी को बहाल करने के बारे में अभियान चलाते हैं। यह परियोजना टीईआरआई के सहयोग से तैयार की गई बताई गई है।
बबीता राजपूत घुवारा
बबीता छतरपुर, मध्यप्रदेश से हैं। ये चार छोटे बांधों और दो जल निकासियों के निर्माण कार्य से जुड़ी रहीं तथा बोरी बांधों के निर्माण में योगदान किया।