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जयशंकर बोले: 'ग्रेटर बांग्लादेश' के दुष्प्रचार से निपटने के लिए तत्पर; राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर कड़ी नजर
Fri, 01 Aug 2025 04:02 AM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 01 Aug 2025 04:02 AM IST
सार
जयशंकर ने कहा, ढाका में 'सल्तनत-ए-बांग्ला' नामक एक इस्लामी समूह, (जिसे 'तुर्की यूथ फेडरेशन' नामक एक तुर्की एनजीओ का समर्थन प्राप्त है) की ओर से 'ग्रेटर बांग्लादेश' का एक नक्शा जारी किया गया है, जिसमें भारत के कुछ हिस्से शामिल हैं। सरकार ने इसका संज्ञान लिया है।
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर
- फोटो : ANI
विस्तार
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार 'ग्रेटर बांग्लादेश' के दुष्प्रचार से निपटने के लिए तत्पर है। जयशंकर ने कहा, ढाका में 'सल्तनत-ए-बांग्ला' नामक एक इस्लामी समूह, (जिसे 'तुर्की यूथ फेडरेशन' नामक एक तुर्की एनजीओ का समर्थन प्राप्त है) की ओर से 'ग्रेटर बांग्लादेश' का एक नक्शा जारी किया गया है, जिसमें भारत के कुछ हिस्से शामिल हैं। सरकार ने इसका संज्ञान लिया है। भारत सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रखती है और इसकी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करती रहती है।
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विदेश मंत्री 'ग्रेटर बांग्लादेश' के दुष्प्रचार से निपटने के संबंध में बृहस्पतिवार को राज्यसभा में रणदीप सिंह सुरजेवाला की ओर से पूछे गए सवाल पर जावब दिया। उन्होंने कहा, सरकार की नजर इस तरह रिपोर्टों पर है।
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बता दें कि यह नक्शा ढाका विश्वविद्यालय में प्रदर्शित किया गया था। यह प्रदर्शनी 14 अप्रैल, 2025 को पोहेला बैसाख के अवसर पर ढाका विश्वविद्यालय में आयोजित की गई थी। हालांकि, आयोजकों ने किसी भी विदेशी राजनीतिक संस्था से संबंध होने से इन्कार किया। यहां तक कि बांग्लादेश सरकार के फैक्ट जांच प्लेटफॉर्म, 'बांग्लाफैक्ट' ने भी दावा किया है कि बांग्लादेश में 'सल्तनत-ए-बांग्ला' के सक्रिय होने का कोई सबूत नहीं है। इसने आगे स्पष्ट किया कि यह 'मानचित्र' पूर्ववर्ती बंगाल सल्तनत के संदर्भ में एक ऐतिहासिक प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया था।
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