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जगदीश ठक्कर ने किसी को दिल्ली में अपरिचित होने का एहसास नहीं होने दिया

Mon, 10 Dec 2018 07:43 PM IST
अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Mon, 10 Dec 2018 07:43 PM IST
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Jagadish Thakkar did not let anyone feel unrecognized in Delhi
जगदीश ठक्कर के परिवार के साथ प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उनके मीडिया सलाहकार जगदीश ठक्कर के परिवार के साथ आई तस्वीरें खुद संबंध की गहराई को महसूस करा रही हैं। ठक्कर का निधन प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए भी अपूरणीय क्षति जैसा ही है।

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ठक्कर प्रधानमंत्री के मीडिया कार्यालय के अफसरों और प्रधानमंत्री के बीच की अहम कड़ी थे। ठक्कर की अनुमति मिलने के बाद किसी भी मामले की अनुमति प्रधानमंत्री की ही मानी जाती रही। खास बात यह थी कि जगदीश ठक्कर ने प्रधानमंत्री की डिजाइन के अनुरूप ही प्रधानमंत्री कार्यालय के मीडिया विभाग को तैयार कर रखा था। इतना ही प्रधानमंत्री की हर भाव, भंगिमा ठक्कर बखूबू समझते थे।
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ठक्कर के साथ खास विशेषता यह थी कि वह किसी को अपरिचित होने का एहसास नहीं होने देते थे। साधारण रहकर सामने वाले को अधिक सम्मान देते हुए उसे सुनना और उसके साथ अच्छा व्यवहार करना उनकी आदत में शामिल था। एक बातचीत में ठक्कर ने खुद बताया था कि वह प्रधानमंत्री के साथ 2001 से हैं। तब प्रधानमंत्री गुजरात के मुख्यमंत्री थे और कम बोलकर अधिक से अधिक परिणाम देने में निपुण ठक्कर के मुताबिक उन्होंने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। 
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पिछले चार साल के समय में ठक्कर ने कुछ पत्रकारों की भी कठिन परिस्थिति में मदद भी की। ठक्कर कभी भी मीडिया रिपोर्ट्स पर कमेंट नहीं करते थे। संसद भवन के प्रधानमंत्री मीडिया सेक्शन में कई बार की मुलाकात के दौरान वह शांत, संयमित, मृदुभाषी और एक रिपोर्टर की समस्या को काफी हद तक समझ पाने वाले रूप में दिखाई दिए।

जगदीश ठक्कर खुद भी एक पत्रकार थे। भावनगर में एक स्थानीय समाचार पत्र से जुड़े थे और 1970 में गुजरात सरकार के सूचना कार्यालय से जुड़ गए। 1986 में मुख्यमंत्री कार्यालय में पीआरओ(जनसंपर्क अधिकारी) बनाए गए। तब अमर सिंह चौधरी(कांग्रेस) राज्य के मुख्यमंत्री थे।  इसके बाद ठक्कर ने राज्य के हर मुख्यमंत्री के साथ काम किया। माधव सिंह सोलंकी से लेकर केशु भाई पटेल और शंकर सिंह वाघेला तक वह लगातार मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े रहे।  नरेन्द्र भाई मोदी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ठक्कर ने नये मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी काम देखना शुरू किया। लगातार इस पद पर बने रहे और जब प्रधानमंत्री बनकर मोदी दिल्ली आए तो प्रधानमंत्री कार्यालय में बतौर मीडिया सलाहकार ठक्कर ने यह जिम्मेदारी संभाली।


72 साल की उम्र और कैंसर

72 साल के जगदीश जगदीश ठक्कर को दर्द झेलना आता था। करीब छह महीने पहले की एक मुलाकात में इसका एहसास नहीं हो सका कि वह कैंसर जैसे रोग से पीडि़त हैं। ठक्कर का इलाज दिल्ली में भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) से चल रहा था। प्रधानमंत्री कार्यालय में उनके सहयोगी बताते हैं कि वह 2004 में ही सेवा निवृत्त हो गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए अपनी सेवाएं ली, बल्कि प्रधानमंत्री बनने के बाद दिल्ली ले आए।

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