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JU: ‘छात्र के पहले कपड़े उतरवाए फिर नग्न करके गलियारे में घुमाया’, पुलिस बोली- यौन उत्पीड़न करते थे सीनियर
Wed, 23 Aug 2023 01:00 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: जलज मिश्रा
Updated Wed, 23 Aug 2023 01:00 AM IST
सार
कोलकाता पुलिस ने बताया कि मृतक छात्र के साथ रैगिंग की जाती थी। उसका यौन उत्पीड़न होता था। जिस दिन उसकी मौत हुई, उस दिन छात्रावास के कमरा नंबर 70 में उसके कपड़े उतरवाए गए थे। उसे गलियारे में नग्न घुमाया गया था, जिसके बाद वह बालकनी से कूद गया और अपनी जान दे दी।
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Jadavpur University
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रावास में हुई छात्र की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। कोलकाता पुलिस ने खुलासा किया कि छात्र को छात्रावास की दूसरी मंजिल में नग्न घुमाया गया था। इसके अलावा, जांच में सामने आया कि वर्तमान छात्र के साथ-साथ पूर्व छात्र भी मृतक का यौन उत्पीड़न करते थे।
कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित यूजी प्रथम वर्ष का छात्र था। उसके साथ रैगिंग की जाती थी। उसका यौन उत्पीड़न होता था। जिस दिन उसकी मौत हुई, उस दिन छात्रावास के कमरा नंबर 70 में उसके कपड़े उतरवाए गए थे। उसे गलियारे में नग्न घुमाया गया था, जिसके बाद वह बालकनी से कूद गया और अपनी जान दे दी। हमारे पास इसके सबूत भी हैं। इस मामले में 12 लोग जिम्मेदार हैं, जिनमें वर्तमान छात्र के साथ-साथ पूर्व छात्र भी शामिल हैं।
पुलिस को गुमराह करने की योजना
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जो सिर्फ पुलिस को गुमराह करने के लिए था। आरोपियों ने सिर्फ रैगिंग की घटना छिपाने के लिए पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई थी। मंगलवार को स्थानीय अदालत ने मामले में ‘वेस्ट बंगाल प्रोहिबिशन ऑफ रैगिंग इन एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट 2000’ की धारा चार जोड़ने के लिए सहमति दे दी है।
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13 गिरफ्तार आरोपियों में से 12 लोग सक्रिय
पुलिस का कहना है कि मामले में और अधिक स्पष्टता के लिए छात्रावास के रसोइये से भी पूछताछ की गई है। इसके अलावा दो अन्य छात्रों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने बताया कि हमने मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि एक युवक को छोड़कर 12 युवक इस मामले में शामिल हैं।
पढ़िए, शुरुआती जांच के हिसाब से पुलिस ने पहले क्या बताया
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया था कि मृतक को सीनियर परेशान कर रहे थे। मौत के दिन करीब चार बार उसने अपनी मां को कॉल किया था। बुधवार रात नौ बजे मृतक ने अपनी मां को भी अपनी परेशानी के बारे में बताया था। मां से बात करने के बाद उसने अपना फोन बंद कर लिया था। अधिकारी का कहना है कि मृतक काफी परेशान था, सीनियर उसे हमेशा गे (समलैंगिक) कहकर बुलाते थे। वह अपना फेसबुक अकाउंट भी डिएक्टिवेट कर चुका था। छात्रावास के एक छात्र ने मौत के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट किया, जिसमें उसने सीनियर को मौत का असल जिम्मेदार माना है। छात्र ने आरोप लगाते हुए रैगिंग को मौत का असल कारण कहा है। हम मृतक के फोन के साथ उसके रूममेट के फोन भी खंगाल रहे हैं।
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कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित यूजी प्रथम वर्ष का छात्र था। उसके साथ रैगिंग की जाती थी। उसका यौन उत्पीड़न होता था। जिस दिन उसकी मौत हुई, उस दिन छात्रावास के कमरा नंबर 70 में उसके कपड़े उतरवाए गए थे। उसे गलियारे में नग्न घुमाया गया था, जिसके बाद वह बालकनी से कूद गया और अपनी जान दे दी। हमारे पास इसके सबूत भी हैं। इस मामले में 12 लोग जिम्मेदार हैं, जिनमें वर्तमान छात्र के साथ-साथ पूर्व छात्र भी शामिल हैं।
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पुलिस को गुमराह करने की योजना
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जो सिर्फ पुलिस को गुमराह करने के लिए था। आरोपियों ने सिर्फ रैगिंग की घटना छिपाने के लिए पुलिस को गुमराह करने की योजना बनाई थी। मंगलवार को स्थानीय अदालत ने मामले में ‘वेस्ट बंगाल प्रोहिबिशन ऑफ रैगिंग इन एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट 2000’ की धारा चार जोड़ने के लिए सहमति दे दी है।
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13 गिरफ्तार आरोपियों में से 12 लोग सक्रिय
पुलिस का कहना है कि मामले में और अधिक स्पष्टता के लिए छात्रावास के रसोइये से भी पूछताछ की गई है। इसके अलावा दो अन्य छात्रों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने बताया कि हमने मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि एक युवक को छोड़कर 12 युवक इस मामले में शामिल हैं।
पढ़िए, शुरुआती जांच के हिसाब से पुलिस ने पहले क्या बताया
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया था कि मृतक को सीनियर परेशान कर रहे थे। मौत के दिन करीब चार बार उसने अपनी मां को कॉल किया था। बुधवार रात नौ बजे मृतक ने अपनी मां को भी अपनी परेशानी के बारे में बताया था। मां से बात करने के बाद उसने अपना फोन बंद कर लिया था। अधिकारी का कहना है कि मृतक काफी परेशान था, सीनियर उसे हमेशा गे (समलैंगिक) कहकर बुलाते थे। वह अपना फेसबुक अकाउंट भी डिएक्टिवेट कर चुका था। छात्रावास के एक छात्र ने मौत के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट किया, जिसमें उसने सीनियर को मौत का असल जिम्मेदार माना है। छात्र ने आरोप लगाते हुए रैगिंग को मौत का असल कारण कहा है। हम मृतक के फोन के साथ उसके रूममेट के फोन भी खंगाल रहे हैं।