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बॉर्डर से लगते गांवों के युवाओं को करियर की जानकारी देने के लिए उनके घर पहुंचेंगे ITBP जवान
Sun, 18 Oct 2020 01:15 PM IST
Tanuja Yadav
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला. नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला. नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sun, 18 Oct 2020 01:15 PM IST
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गांवों के युवाओं को करियर की जानकारी देने उऩके घर पहुंचेंगे आईटीबीपी के जवान
- फोटो : अमर उजाला
भारत चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी ने दूरस्थ गांवों के युवाओं को करियर की जानकारी देने के लिए उनके घर पहुंचने का साहसिक फैसला लिया है। आईटीबीपी की 11वीं बटालियन ने सिक्किम में इस अभियान की शुरुआत की है। इस बल के जवान साइकिल पर चलते हुए गांवों में पहुंचेंगे।
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वहां के युवाओं को बताया जाएगा कि वे आईटीबीपी में कैसे भर्ती हो सकते हैं। आईटीबीपी के जवान उन्हें दूसरे क्षेत्रों में भी करियर बनाने की जानकारी देंगे। इस अभियान के तहत जवानों द्वारा करीब बीस दिन में 218 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।
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सिक्किम सरकार में संस्कृति, सड़क और सेतु विभाग के मंत्री सोमदुप लेपचा ने साइकिलिंग एक्सपीडिशन को फ्लैग ऑफ किया है। मंत्री ने कहा कि सुरक्षा के साथ साथ आईटीबीपी कई तरह के जागरुकता अभियान भी चलाती रहती है। कोरोना संक्रमण के दौरान इस बल ने सराहनीय कार्य किया है।
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आईटीबीपी के मुताबिक अभियान में शामिल जवान सीमावर्ती क्षेत्रों और गांवों में लोगों से मिलेंगे। वहां उन्हें कई तरह की जानकारी दी जाएगी। गांव के युवाओं को एक जगह पर एकत्रित कर उन्हें करियर के बारे में बताया जाएगा। सीमावर्ती इलाकों में युवाओं और उनके परिजनों की सदैव यह इच्छा बनी रहती है कि कोई बल उनके पास आकर करियर की जानकारी दे दे। अब आईटीबीपी ने यह जिम्मेदारी ली है।
इस बल में उन जवानों और अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्हें करियर के विभिन्न क्षेत्रों की अच्छी जानकारी है। जवानों को प्रशिक्षित भी किया गया है। उन्हें बैनर, पोस्टर और अन्य लिखित सामग्री भी मुहैया कराई गई है। सामान्य जानकारी देने के बाद युवा, आईटीबीपी टीम से सवाल पूछ सकते हैं।
बहुत से युवाओं की यह जिज्ञासा रहती है कि वे किस तरह से सेना या अर्धसैनिक बल में भर्ती होकर अपने देश की सेवा कर सकते हैं। युवाओं को भर्ती की लिखित परीक्षा से लेकर शारीरिक दक्षता परीक्षा तक की जानकारी दी जाएगी। इतना ही नहीं, अगर कोई युवा गांव में रहकर पशु पालन, सब्जी उगाने या कोई दूसरा ऐसा कार्य करना चाहता है, जिससे वह आत्मनिर्भर बन सके, आईटीबीपी द्वारा उसे वह सूचना भी प्रदान की जाएगी।
आईटीबीपी के इस अभियान दल के सदस्य न सिर्फ कोविड के प्रति जागरूकता फैलाएंगे, बल्कि मेडिकल और वेटनरी कैंप भी आयोजित करेंगे। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाया जाएगा। उन्हें सफाई से संबंधित सामग्री भी वितरित करेंगे। जन सरोकार से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी सीमावर्ती जनता तक पहुंचाने की कोशिश रहेगी।
18 सदस्यों का यह दल विषम भौगोलिक और मौसमी हालातों में अपना अभियान पूरा करेगा। यह दल उत्तर में स्थित गुरुदोंगमर झील तक पहुंचेगा और अपनी फिर वहीं से अपनी वापसी की यात्रा आरम्भ करेगा। इस दल में आईटीबीपी के प्रशिक्षित पर्वतारोही और बचाव कार्य विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
आईटीबीपी को एक विशेषज्ञ पर्वतारोही बल माना जाता है। बल ने अभी तक 215 से ज्यादा पर्वतारोहण अभियान सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। आगामी 24 अक्टूबर को आईटीबीपी की स्थापना के 58 वर्ष पूरे हो जाएंगे।