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लद्दाख में जवानों के साथ छह दिन बिताकर लौटे आईटीबीपी चीफ
Sat, 05 Sep 2020 02:04 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 05 Sep 2020 02:04 AM IST
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ITBP DG SS Deswal
- फोटो : AmarUjala
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लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के साथ बढ़ते जा रहे तनाव के बीच भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक एसएस देसवाल ने वहां जवानों के साथ छह दिन बिताए हैं।
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इस दौरान जहां उन्होंने इस केंद्रीय रिजर्व सुरक्षा बल के जवानों का हौसला बढ़ाने की कोशिश की, वहीं अपने जवानों की तैयारियों की भी समीक्षा की। साथ ही तनाव के चलते वहां लगातार बढ़ाई जा रही भारतीय सेना की तैनाती में आपसी समन्वय बढ़ाने की कवायद को भी परखा।
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आईटीबीपी लद्दाख के कराकोरम दर्रे से अरुणाचल प्रदेश के जाचेप ला तक चीन से सटी 3488 किलोमीटर लंबी भारतीय सीमा की देखभाल करती है। आईटीबीपी ने लद्दाख में 5 हजार से ज्यादा जवान तैनात किए हुए हैं, जिन्होंने हाल ही में पैंगोग लेक से लेकर अन्य कई जगह चीनी घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब दिया है।
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सूत्रों के देसवाल ने पिछले कुछ दिनों के दौरान पूर्वी लद्दाख में सीमा के सभी अहम क्षेत्रों का दौरान किया। इस दौरान वे उत्तरी सब-सेक्टर से दक्षिणी सब-सेक्टर तक सभी जगह गए। वे दौलत बेग ओल्डी में भी कई जगह गए।
इस दौरान उनके साथ आईजी दलजीत चौधरी और मनोज सिंह रावत के अलावा कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी व ऑपरेशंस ऑफिसर मौजूद रहे। अपने इस दौरे के दौरान आईटीबीपी चीफ ने अपने उन जवानों के साथ मुलाकात की, जो चीनी घुसपैठ को रोकने के अभियानों में शामिल रहे।
सूत्रों के मुताबिक, आईटीबीपी चीफ ने इन जवानों को मौके पर ही आईटीबीपी का तमगा देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने लद्दाख में तैनात कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ भी बैठक की और उन्हें दोनों सैन्य बलों के बीच पूर्ण समन्वय व सहयोग के लिए आश्वस्त किया