{"_id":"67ef993ba7a4e046210d736f","slug":"issue-of-impact-of-social-media-on-mental-health-of-youth-raised-in-lok-sabha-congress-mp-demands-debate-2025-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lok Sabha: युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव का उठा मुद्दा, कांग्रेस सांसद ने की बहस की मांग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Lok Sabha: युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव का उठा मुद्दा, कांग्रेस सांसद ने की बहस की मांग
Fri, 04 Apr 2025 02:03 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 04 Apr 2025 02:03 PM IST
सार
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ती भारतीय युवाओं की निर्भरता मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंता का कारण बन गई है।इस पर सदन में चर्चा किए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन
गौरव गोगोई
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
लोकसभा में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मुद्दे पर बहस की मांग की। सांसद ने वेबसीरिज एडोलसेंस का भी जिक्र किया। इसमें विषाक्त पुरुषत्व को बढ़ावा देने वाले ऑनलाइन प्रभावशाली लोगों के उदय के साथ-साथ इस मुद्दे को भी उठाया गया है।
विज्ञापन
कांग्रेस सांसद ने सदन में कहा कि कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ती भारतीय युवाओं की निर्भरता मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंता का कारण बन गई है। सोशल मीडिया के प्रभाव के कारण तनाव बढ़ रहा है। चिंता बढ़ रही है और इन सबका युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़े पैमाने पर असर पड़ा है।
ये भी पढ़ें: वक्फ बिल को जबरन पारित कराने वाले सोनिया के बयान पर भड़के ओम बिरला; संसदीय गरिमा के खिलाफ बताया
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक दबाव, साइबर बुलिंग और भावनात्मक संकट के चलते छात्रों के आत्महत्या करने की बढ़ती दर चिंताजनक है। भारत में छात्रों की आत्महत्या की संख्या में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है, एक सर्वेक्षण के अनुसार पिछले पांच वर्षों में लगभग 40,000 युवाओं ने आत्महत्या की है।
ये भी पढ़ें: 'आपने उड़ता तीर क्यों पकड़ लिया?' दिग्विजय पर सुधांशु त्रिवेदी का तंज; अमित शाह ने भी लगाई क्लास
उन्होंने नेटफ्लिक्स की वेबसीरिज एडोलसेंस का जिक्र किया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि नेटफ्लिक्स की वेबसीरीज एडोलसेंस इन मुद्दों को उजागर करती है। यह ऑनलाइन प्रभावशाली लोगों की संख्या में बढ़ते विषाक्त पुरुषत्व को बढ़ावा देती है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को नुकसान पहुंचाती है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमें इस तथ्य को सामान्य बनाने की आवश्यकता है कि असली ताकत भावनाओं का सामना करने में निहित है। हमें युवाओं को तनाव और चिंता से निपटने में मदद करने के लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता और खुले संवाद को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने सदन से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर स्वस्थ बहस आयोजित करने का आग्रह किया।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
Mental health is a growing concern among Indian youth, exacerbated by rising social media dependence post-pandemic. Academic pressure, cyberbullying, and emotional distress have led to alarming student suicide rates. India has seen a concerning rise in the number of student… pic.twitter.com/wS6ubnvnYW
— Gaurav Gogoi (@GauravGogoiAsm) April 3, 2025विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस सांसद ने सदन में कहा कि कोरोना महामारी के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बढ़ती भारतीय युवाओं की निर्भरता मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंता का कारण बन गई है। सोशल मीडिया के प्रभाव के कारण तनाव बढ़ रहा है। चिंता बढ़ रही है और इन सबका युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़े पैमाने पर असर पड़ा है।
ये भी पढ़ें: वक्फ बिल को जबरन पारित कराने वाले सोनिया के बयान पर भड़के ओम बिरला; संसदीय गरिमा के खिलाफ बताया
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक दबाव, साइबर बुलिंग और भावनात्मक संकट के चलते छात्रों के आत्महत्या करने की बढ़ती दर चिंताजनक है। भारत में छात्रों की आत्महत्या की संख्या में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है, एक सर्वेक्षण के अनुसार पिछले पांच वर्षों में लगभग 40,000 युवाओं ने आत्महत्या की है।
ये भी पढ़ें: 'आपने उड़ता तीर क्यों पकड़ लिया?' दिग्विजय पर सुधांशु त्रिवेदी का तंज; अमित शाह ने भी लगाई क्लास
उन्होंने नेटफ्लिक्स की वेबसीरिज एडोलसेंस का जिक्र किया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि नेटफ्लिक्स की वेबसीरीज एडोलसेंस इन मुद्दों को उजागर करती है। यह ऑनलाइन प्रभावशाली लोगों की संख्या में बढ़ते विषाक्त पुरुषत्व को बढ़ावा देती है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को नुकसान पहुंचाती है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि हमें इस तथ्य को सामान्य बनाने की आवश्यकता है कि असली ताकत भावनाओं का सामना करने में निहित है। हमें युवाओं को तनाव और चिंता से निपटने में मदद करने के लिए भावनात्मक बुद्धिमत्ता और खुले संवाद को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने सदन से युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर स्वस्थ बहस आयोजित करने का आग्रह किया।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन