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Rajya Sabha: 'आपने उड़ता तीर क्यों पकड़ लिया?' दिग्विजय पर सुधांशु त्रिवेदी का तंज; अमित शाह ने भी लगाई क्लास
Fri, 04 Apr 2025 11:47 AM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:47 AM IST
सार
संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में बीते दिन देर रात तक वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई। विस्तृत चर्चा के बाद इसे पारित भी कर दिया गया। इस दौरान भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह के बीच गहमागहमी देखने को मिली। मामले में दिग्विजय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी जिक्र किया, जिसके बाद शाह ने भी उनकी जमकर क्लास लगाई।
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राज्यसभा में नेताओं के बीच बहस
- फोटो : ANI
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विस्तार
बीती रात वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में काफी गहमागहमी देखने को मिली। यहां भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी बिल पर चर्चा में भाग ले रहे थे। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कुछ ऐसा कह दिया, जिससे कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह भड़क गए। विपक्षी सांसदों ने सुधांशु त्रिवेदी के बयान को आपत्तिजनक बताया और सभापति से उनकी बातों को कार्यवाही से हटाने की मांग करने लगे। इस दौरान दिग्विजय सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह में भी जमकर तकरार हुई। दरअसल, दिग्विजय जब सुधांशु की बात पर आपत्ति जता रहे थे, तब अमित शाह ने स्थिति को संभालने के लिए सदन को जवाब दे रहे थे। इसी दौरान दिग्विजय ने गुजरात दंगों का मामला उठाया, जिस शाह ने उनकी जमकर क्लास लगाई।
क्या है मामला?
दरअसल, वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान बोलते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमारी सरकार ने मुस्लिम समाज के अंदर सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का काम किया है। जब ताजमहल पर वक्फ ने दावा किया, तब सुप्रीम कोर्ट को कहना पड़ा कि शाहजहां के समय का फरमान लाइए, जिसमें ताजमहल के वक्फ का जिक्र हो। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जहां-जहां खुदा है, वहां-वहां भगवान है। बाकी आप सभी खुद बुद्धिमान है। उन्होंने अपने भाषण में इशरत जहां, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग विपक्षी दलों के साथ थे। इस पर एनसीपी (शरद गुट) की सांसद फौजिया खान ने आपत्ति जताई। सभपति जगदीप धनखड़ मामले में बीचबचाव कर गहमागहमी को शांत कराया। इसके बाद सुधांशु त्रिवेदी ने यह भी कहा कि इस सदन में एक सदस्य मौजूद हैं, जिन्होंने कहा था कि 26/11 के हमले आरएसएस ने कराए थे। इसे लेकर कांग्रेस के सदस्य भी आपत्ति जताने लगे। दिग्विजय सिंह अपनी सीट पर खड़े हो गए और बोले क यह बहुत अपमानजनक है, मैं इसकी निंदा करता हूं। इस पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आपने उड़ता तीर क्यों ले लिया? मैंने तो आपका नाम लिया ही नहीं।
यह भी पढ़ें- मायावती बोलीं- वक्फ संशोधन बिल से हम सहमत नहीं, दुरुपयोग होने पर मुसलमानों का साथ देंगे
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सुधांशु त्रिवेदी, दिग्विजय सिंह और अमित शाह में तीखी नोकझोंक
सुधांशु त्रिवेदी और दिग्विजय सिंह की बात के बीच अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कहा कि सुधांशु ने इंडिया गठबंधन को लेकर कहा है। जिन लोगों का नाम लिया गया, क्या वह विपक्षी दलों से नहीं जुड़े थे। अहमद किस पार्टी से जुड़ा था? तीसरा मुख्तार अंसारी किससे जुड़े थे? ये सभी विपक्षी गठबंधन से जुड़े थे। इस बीच दिग्विजय सिंह ने सुधांशु त्रिवेदी के 26/11 वाले बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुझे लेकर जो कहा गया है, उसकी निंदा करता हूं। इस पर अमित शाह ने सभापति से कहा कि माइक चालू करा दीजिए और दिग्विजय सिंह कह दें कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा था।
यह भी पढ़ें- हंगामे के चलते लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, बंगाल के मुद्दे पर हुआ विरोध
' इनको मेरा हौवा ऐसा है कि हर जगह मैं ही दिखाई देता हूं'
अमित शाह की इस बात पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने ऐसा नहीं कहा है। मैं इस बात का खंडन करता हूं। इसके बाद कांग्रेस नेता ने गुजरात दंगों का जिक्र किया। दिग्विजय ने कहा गृह मंत्री बता दें कि गुजरात के दंगों के समय तो वे राज्य वहां के गृह मंत्री थे, बताइए कि उनमें किसकी क्या भूमिका थी। इस पर अमित शाह ने पटलवार किया। उन्होंने कहा कि जब दंगे हुए उसके 18 महीने बाद मैं गृह मंत्री बना था। इनको मेरा हौवा ऐसा है कि हर जगह मैं ही दिखाई देता हूं।
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क्या है मामला?
दरअसल, वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान बोलते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमारी सरकार ने मुस्लिम समाज के अंदर सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का काम किया है। जब ताजमहल पर वक्फ ने दावा किया, तब सुप्रीम कोर्ट को कहना पड़ा कि शाहजहां के समय का फरमान लाइए, जिसमें ताजमहल के वक्फ का जिक्र हो। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जहां-जहां खुदा है, वहां-वहां भगवान है। बाकी आप सभी खुद बुद्धिमान है। उन्होंने अपने भाषण में इशरत जहां, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग विपक्षी दलों के साथ थे। इस पर एनसीपी (शरद गुट) की सांसद फौजिया खान ने आपत्ति जताई। सभपति जगदीप धनखड़ मामले में बीचबचाव कर गहमागहमी को शांत कराया। इसके बाद सुधांशु त्रिवेदी ने यह भी कहा कि इस सदन में एक सदस्य मौजूद हैं, जिन्होंने कहा था कि 26/11 के हमले आरएसएस ने कराए थे। इसे लेकर कांग्रेस के सदस्य भी आपत्ति जताने लगे। दिग्विजय सिंह अपनी सीट पर खड़े हो गए और बोले क यह बहुत अपमानजनक है, मैं इसकी निंदा करता हूं। इस पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आपने उड़ता तीर क्यों ले लिया? मैंने तो आपका नाम लिया ही नहीं।
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सुधांशु त्रिवेदी, दिग्विजय सिंह और अमित शाह में तीखी नोकझोंक
सुधांशु त्रिवेदी और दिग्विजय सिंह की बात के बीच अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कहा कि सुधांशु ने इंडिया गठबंधन को लेकर कहा है। जिन लोगों का नाम लिया गया, क्या वह विपक्षी दलों से नहीं जुड़े थे। अहमद किस पार्टी से जुड़ा था? तीसरा मुख्तार अंसारी किससे जुड़े थे? ये सभी विपक्षी गठबंधन से जुड़े थे। इस बीच दिग्विजय सिंह ने सुधांशु त्रिवेदी के 26/11 वाले बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुझे लेकर जो कहा गया है, उसकी निंदा करता हूं। इस पर अमित शाह ने सभापति से कहा कि माइक चालू करा दीजिए और दिग्विजय सिंह कह दें कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा था।
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' इनको मेरा हौवा ऐसा है कि हर जगह मैं ही दिखाई देता हूं'
अमित शाह की इस बात पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने ऐसा नहीं कहा है। मैं इस बात का खंडन करता हूं। इसके बाद कांग्रेस नेता ने गुजरात दंगों का जिक्र किया। दिग्विजय ने कहा गृह मंत्री बता दें कि गुजरात के दंगों के समय तो वे राज्य वहां के गृह मंत्री थे, बताइए कि उनमें किसकी क्या भूमिका थी। इस पर अमित शाह ने पटलवार किया। उन्होंने कहा कि जब दंगे हुए उसके 18 महीने बाद मैं गृह मंत्री बना था। इनको मेरा हौवा ऐसा है कि हर जगह मैं ही दिखाई देता हूं।
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