ISRO: इसरो की मदद से बंजर भूमि को हरियाली में बदलेगा नीति आयोग, कृषि वानिकी उपायों से सुधारा जाएगा वन क्षेत्र
नीति आयोग ने 12 फरवरी को भुवन-आधारित ग्रो पोर्टल लॉन्च किया है। ग्रीनिंग एंड रेस्टोरेशन ऑफ वेस्टलैंड विद एग्रोफॉरेस्ट्री (ग्र्रो) कहे जाने वाले इस पोर्टल के जरिये देश में कृषि वानिकी के साथ बंजर भूमि को हरा-भरा करना और उसका पुनरुद्धार की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने नीति आयोग के साथ मिलकर देश के बंजर इलाकों में हरियाली की योजना बनाई है। सैटेलाइट डाटा और कृषि वानिकी के जिरये देश में वन क्षेत्र में सुधार किया जाएगा। योजना के तहत इसरो के जियोपोर्टल भुवन पर उपलब्ध सैटेलाइट डाटा के जरिये कृषि वानिकी उपयुक्तता सूचकांक (एएसआई) स्थापित करने के लिए बंजर भूमि, भूमि उपयोग भूमि कवर, जल निकाय, मृदा कार्बनिक कार्बन और ढलान जैसे विषयगत भू-स्थानिक आंकड़ों को एकीकृत किया जा रहा है। शुरुआती आकलनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना कृषि वानिकी उपयुक्तता के लिए सबसे बड़े राज्यों के रूप में उभरे हैं।
नीति आयोग ने 12 फरवरी को भुवन-आधारित ग्रो पोर्टल लॉन्च किया है। ग्रीनिंग एंड रेस्टोरेशन ऑफ वेस्टलैंड विद एग्रोफॉरेस्ट्री (ग्र्रो) कहे जाने वाले इस पोर्टल के जरिये देश में कृषि वानिकी के साथ बंजर भूमि को हरा-भरा करना और उसका पुनरुद्धार की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इस पोर्टल के जरिये राज्य और जिला-स्तरीय कृषि-वानिकी डाटा सभी के लिए उपलब्ध है। यह डाटा कृषि व्यवसायियों, गैर-सरकारी संस्थाओं, स्टार्ट-अप और शोधकर्ताओं को भी इस क्षेत्र में पहलों के लिए आमंत्रित करता है।