लालू को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश होने का निर्देश, रूठे तेजप्रताप को दिल्ली में मनाएंगी राबड़ी
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दिल्ली की एक अदालत ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद को आज निर्देश दिया कि आईआरसीटीसी घोटाला मामले के सिलसिले में 20 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वह उसके समक्ष पेश हों। विशेष न्यायाधीश अरूण भारद्वाज ने यह निर्देश जारी किए।
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दिल्ली की एक अदालत ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद को आज निर्देश दिया कि आईआरसीटीसी घोटाला मामले के सिलसिले में 20 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वह उसके समक्ष पेश हों। विशेष न्यायाधीश अरूण भारद्वाज ने यह निर्देश जारी किए।
उन्हें बताया गया था कि खराब सेहत की वजह से लालू पहले के निर्देश के मुताबिक अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो सके। अदालत ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश दिया कि लालू चाहे अस्पताल में हों या फिर जेल में, वीडियो कॉन्फ्रेंस के मार्फत उनकी मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
इस बीच ईडी ने प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य की जमानत याचिका का इस आधार पर विरोध किया कि वह प्रभावशाली व्यक्ति हैं और राहत देने पर जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
IRCTC scam matter: CBI case adjourned by Delhi's Patiala House Court for 20th December. Lalu Yadav has to appear again before the court on that day through video conferencing. Court directs CBI to make all arrangements of video conferencing
— ANI (@ANI) November 19, 2018
बीते कई दिनों से लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप को लेकर परिवार में तनाव का माहौल है। तेज प्रताप अपनी पत्नी को तलाक देना चाहते हैं, इसके लिए उन्होंने परिवार कोर्ट में अर्जी भी दाखिल की है। अब माना जा रहा है कि रूठे तेजप्रताप को दिल्ली में उनकी मां राबड़ी देवी मनाएंगी।
पैर में जख्म के कारण चलने में दिक्कत
लालू की तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें राजेंद्र इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में भर्ती कराया गया है। रविवार को रिम्स के डॉक्टरों द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है कि लालू यादव के पैर में जख्म है। शुगर लेवल बढ़ने की वजह से घाव सूखने में दिक्कत हो रही थी। लेकिन इलाज के बाद इसमें सुधार के संकेत मिले हैं। हालांकि उनका स्वास्थ्य अब भी खराब है।
ये है मामला
बता दें कि साल 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल के रखरखाव आदि के लिए आईआरसीटीसी को स्थानांतरित किया था। सीबीआई के मुताबिक, नियम-कानून को ताक पर रखते हुए रेलवे का यह टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दे दिए गए थे।
आरोप के अनुसार टेंडर दिए जाने के बदले 25 फरवरी, 2005 को कोचर बंधुओं ने पटना के बेली रोड स्थित तीन एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड को बेच दी, जबकि बाजार में उसकी कीमत ज्यादा थी। इस जमीन को कृषि जमीन बताकर सर्कल रेट से काफी कम पर बेच कर स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ी की गई। बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी संपत्ति लालू प्रसाद यादव की पारिवारिक कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख रुपए में ही दे दी गई, जबकि उस समय बाजार में इसकी कीमत करीब 94 करोड़ रुपए थी।