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'हमलावरों को दी पनाह': ईरान ने UAE पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- ये मददगार नहीं बल्कि खुद एक हमलावर
Fri, 15 May 2026 01:11 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 15 May 2026 01:11 AM IST
सार
Iran UAE In BRICS: नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि यूएई ने ईरान पर हुए सैन्य हमले में हमलावरों की मदद की है। ईरान ने इसके पुख्ता सबूत संयुक्त राष्ट्र को सौंप दिए हैं।
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काजेम गरीबाबादी, ईरान के उप विदेश मंत्री
- फोटो : @ANI
विस्तार
नई दिल्ली में चल रही ब्रिक्स देशों की बैठक के दूसरे सत्र के दौरान ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच भारी तनाव देखने को मिला। ईरान ने भरे मंच से खुलेआम आरोप लगाया कि जब उसके ऊपर सैन्य हमले हो रहे थे, तब संयुक्त अरब अमीरात ने हमलावरों का बहुत बड़ा साथ दिया था।
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उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान पर हुए सैन्य हमले को बढ़ावा देने और उसे आसान बनाने में संयुक्त अरब अमीरात ने एक बहुत ही अहम भूमिका निभाई थी। गरीबाबादी ने यह कड़ा जवाब तब दिया जब संयुक्त अरब अमीरात के विदेश राज्य मंत्री ने बिना किसी पक्के आधार के ईरान पर ही हमलावर होने का आरोप लगा दिया था। ईरान ने पलटवार करते हुए कहा कि जो देश खुद तनाव बढ़ाता है और हमले में शामिल रहता है, उसे ईरान पर राजनीतिक आरोप लगाने का कोई हक या वैधता नहीं है।
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संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर हमला करने वालों की सीधी मदद की थी?
ईरान के उप विदेश मंत्री ने 1974 के संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव का हवाला देते हुए इस मुद्दे पर एक बहुत बड़ी बात कही है। उन्होंने दुनिया को समझाया कि जब कोई देश हमलावरों को अपने यहां सुविधाएं देता है और उनकी सेवा करता है, तो उसे सिर्फ मदद करना नहीं कहा जा सकता। ऐसा करना अपने आप में एक सीधा हमला माना जाता है। इसलिए, ईरान की नजर में संयुक्त अरब अमीरात सिर्फ एक अपराध का साझीदार नहीं है, बल्कि वह खुद एक बड़ा हमलावर है। ईरान ने कड़े शब्दों में कहा है कि हमारे पड़ोसी देश ने जो किया है, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के समान है।
ईरान के पास संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ क्या पक्के सबूत मौजूद हैं?
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह हवा में कोई बात नहीं कर रहा है, बल्कि उसके पास हर एक हमले के पक्के सबूत हैं। भारत में मौजूद ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी है कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को 120 आधिकारिक राजनयिक नोटिस भेजे हैं। ईरान का दावा है कि उसके पास संयुक्त अरब अमीरात से उड़ान भरने वाले हर एक लड़ाकू विमान का पूरा और पक्का रिकॉर्ड है। किस विमान ने किस तारीख को, कितने बजे और किस रास्ते से उड़ान भरी, यह सारी पक्की जानकारी इन 120 नोटिसों में सबूत के तौर पर संयुक्त राष्ट्र को पहले ही सौंप दी गई है।
ईरान ने अपनी रक्षा के लिए क्या कदम उठाए?
ईरान ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में बताया है कि जब उसके आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा था, तब वह चुपचाप इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता था। खासकर तब, जब उसका अपना पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात हमलावरों का साथ दे रहा था। ऐसे हालात में ईरान के पास अपनी हिफाजत के लिए संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था। ईरान ने उन सभी सुविधाओं और ठिकानों पर हमला किया जहां अमेरिका की हिस्सेदारी थी। ईरान का कहना है कि उसने जो कुछ भी किया है, वह अपनी रक्षा करने के जन्मसिद्ध अधिकार के तहत किया है और यह संयुक्त राष्ट्र के नियमों के बिल्कुल अनुकूल है।
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