ईरान-अमेरिका परमाणु समझौते पर भारत निभा सकता है अहम भूमिका: जवाद जरीफ
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ईरान और अमेरिका परमाणु समझौते पर ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा कि भारत समझौते के अनुपालन में अमेरिका को वापस लाने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है और हम उस संभावना को अस्वीकार नहीं करेंगे। भारत ईरान का बहुत प्रिय मित्र है और अमेरिका के साथ उसके अच्छे संबंध हैं। भारत अमेरिका को समझौते के लिए वापस मेज पर आने के लिए मना सकता है।
Iran Foreign Minister Javad Zarif on Iran nuclear deal: India can play a leading role in bringing US back into compliance with agreement&we'll not reject that possibility.India is a very dear friend of Iran&has good relations with US,it can encourage US to come back to the table. pic.twitter.com/fPTcX86DR4
— ANI (@ANI) January 17, 2020विज्ञापन
इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने बुधवार को कहा था कि ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या ने संयुक्त राज्य अमेरिका की अज्ञानता और अहंकार को दिखाया है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन अपने दृष्टिकोण से चीजों को देखता है और क्षेत्र के हितों को ध्यान में नहीं रखता है। जरीफ ने कहा था कि भारत खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है क्योंकि वह एक महत्वपूर्ण पक्ष है। ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति बेहद खतरनाक हैं।
जरीफ ने अमेरिका पर वादाखिलाफी करने और अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और आतंकी संगठन आईएस सुलेमानी की हत्या का जश्न मना रहे हैं। आज आईएस के खिलाफ नया गठबंधन बनाना जरूरी है। तालिबान के खिलाफ अभियान छेड़ने वाला अमेरिका आज अफगानिस्तान से निकलने के लिए आईएस के साथ समझौता कर रहा है।
अमेरिका के साथ बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं
यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा संकट के कूटनीतिक समाधान का मौका है, जरीफ ने अमेरिका के साथ बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया। जरीफ ने कहा कि ईरान कूटनीति में रुचि रखता है। हमें अमेरिका के साथ बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है।