आईएनएक्स मीडिया मामला: तिहाड़ में चिदंबरम की हालत पस्त, वजन घटा तो बोले- मुझे अच्छा खाना मिले
- विशेष सीबीआई कोर्ट पूर्व वित्त मंत्री की न्यायिक हिरासत तीन अक्तूबर तक बढ़ाई
- आईएनएक्स मीडिया मामले में तिहाड़ में बंद चिदंबरम की मेडिकल जांच का भी निर्देश
- सोने के लिए तकिया भी नहीं
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आईएनएक्स मीडिया घोटाला मामले में दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत तीन अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दी है।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष सीबीआई जज अजय कुमार कुहार ने हिरासत अवधि बढ़ाने के साथ ही चिदंबरम की मेडिकल जांच भी कराने का निर्देश दिया है। वहीं, कोर्ट में चिदंबरम ने कहा कि तिहाड़ में रहने की वजह से उनका वजन कम हो गया है, इसलिए उन्हें अच्छा खाना दिया जाए।
चिदंबरम की ओर से कोर्ट में पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चिदंबरम की हिरासत अवधि बढ़ाने की सीबीआई की मांग का विरोध किया, मगर उनकी दलील काम नहीं आई।
चिदंबरम की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की अवधि बृहस्पतिवार को ही खत्म हो रही थी। सिब्बल ने चिदंबरम के लिए एम्स में नियमित तौर पर मेडिकल जांच और उनके लिए तिहाड़ में पर्याप्त पूरक आहार की व्यवस्था भी मुहैया कराने की अपील की।
उन्होंने कहा, 73 वर्षीय मेरे मुवक्किल कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और पांच सितंबर से उन्हें हिरासत में भेजे जाने के बाद से उनका वजन भी काफी कम हो गया है। इस पर सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जेल नियमावली के मुताबिक आरोपी की जांच व इलाज का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सीबीआई ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप में 21 अगस्त की रात गिरफ्तार किया था।
सोने के लिए तकिया भी नहीं
वहीं चिदंबरम की ओर से एक और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जेल में चिदंबरम के सेल के बाहर एक कुर्सी थी लेकिन उसे अब हटा दिया गया है। इस कारण उन्हें बेड पर ही बैठना पड़ता है। उन्हें सोने के लिए तकिया भी नहीं दिया गया है। इससे उन्हें काफी दिक्कत हो रही है।
क्या है आईएनएक्स मीडिया केस
सीबीआई ने 2007 में आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ के विदेशी निवेश के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति देने में अनियमितता का केस दर्ज किया था। उस समय चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।