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कॉफी उगाने वाले का बेटा बनना चाहता था इन्वेस्टमेंट बैंकर
Thu, 01 Aug 2019 03:27 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 01 Aug 2019 03:27 AM IST
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vg siddhartha
- फोटो : social media
देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ एक ऐसे परिवार से थे जिसका पिछले 140 सालों से कॉफी उगाने का इतिहास रहा है। उनकी अपने परिवार के कॉफी बिजनेस में कोई खास रुचि नहीं थी और वह इनवेस्टमेंट बैंकर बनना चाहते थे लेकिन जर्मन कॉफी चेन शिबू के मालिकों की बातचीत से प्रभावित होकर उन्होंने देश में खुद की कॉफी चेन खोलने का फैसला किया।
शुरू में सेना में शामिल होने की इच्छा रखने वाले सिद्धार्थ ने मंगलूरू यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में मास्टर करने के बाद मुंबई में इनवेस्टमेंट बैंकर के तौर पर काम करने लगे। 1984 में उन्होंने बंगलूरू में सिवन सिक्योरिटीज के नाम से खुद की इनवेस्टमेंट कंपनी लांच की। इससे हुए फायदे से उन्होंने चिकमंगलूर में कॉफी बागान खरीदने में निवेश करना शुरू किया।
इसी दौरान उन्होंने अपने पारिवारिक कॉफी कारोबार पर भी ध्यान देना शुरू किया। 1993 में उन्होंने अमालगामेटेड बीन कंपनी (एबीसी) शुरू की, जिसका वार्षिक टर्नओवर 6 करोड़ रुपये था जो साल-दर-साल बढ़कर 2,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
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1994 में पहला सीसीडी आउटलेट्स खोला
जर्मन कॉफी चेन से प्रभावित सिद्धार्थ ने 1994 में बंगलूरू में कैफे कॉफी डे यानी सीसीडी का पहला आउटलेट खोला। उनकी टैग लाइन थी ‘एक कप कॉफी के साथ और भी बहुत कुछ’। चाय के शौकीन देश में अब यह सबसे बड़ी कॉफी शॉप की चेन बन चुकी है। देश के 240 शहरों में इसके 1,750 आउटलेट्स हैं। कुछ आउटलेट्स पराग्वे, विएना और कुआलालंपुर में भी हैं। 2015 में कॉफी डे का आईपीओ आया था।
एबीसी देश की सबसे बड़ी ग्रीन कॉफी निर्यातक
दक्षिण भारत में करीब 200 आउटलेट्स सिद्धार्थ के ब्रांड की कॉफी पाउडर बेचते हैं। एबीसी देश के सबसे बड़ी ग्रीन कॉफी निर्यातक है। उन्होंने अपने कारोबार पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए आईटी सेक्टर में भी हाथ आजमाया और ग्लोबल टेक्नोलॉजी वेंचर्स लिमिटेड की स्थापना की।
सिवन सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के जरिए वह पहले से ही वित्त क्षेत्र में सक्रिय थे। उनकी कंपनी की तीन सहयोगी कंपनियां थीं, चेतन वुड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड, हॉस्पिटिलिटी बिजनेस बेअरफुट रिजार्ट्स और टिंबर ट्रेडिंग-डार्क फॉरेस्ट फर्नीचर कंपनी।
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शुरू में सेना में शामिल होने की इच्छा रखने वाले सिद्धार्थ ने मंगलूरू यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में मास्टर करने के बाद मुंबई में इनवेस्टमेंट बैंकर के तौर पर काम करने लगे। 1984 में उन्होंने बंगलूरू में सिवन सिक्योरिटीज के नाम से खुद की इनवेस्टमेंट कंपनी लांच की। इससे हुए फायदे से उन्होंने चिकमंगलूर में कॉफी बागान खरीदने में निवेश करना शुरू किया।
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इसी दौरान उन्होंने अपने पारिवारिक कॉफी कारोबार पर भी ध्यान देना शुरू किया। 1993 में उन्होंने अमालगामेटेड बीन कंपनी (एबीसी) शुरू की, जिसका वार्षिक टर्नओवर 6 करोड़ रुपये था जो साल-दर-साल बढ़कर 2,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
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1994 में पहला सीसीडी आउटलेट्स खोला
जर्मन कॉफी चेन से प्रभावित सिद्धार्थ ने 1994 में बंगलूरू में कैफे कॉफी डे यानी सीसीडी का पहला आउटलेट खोला। उनकी टैग लाइन थी ‘एक कप कॉफी के साथ और भी बहुत कुछ’। चाय के शौकीन देश में अब यह सबसे बड़ी कॉफी शॉप की चेन बन चुकी है। देश के 240 शहरों में इसके 1,750 आउटलेट्स हैं। कुछ आउटलेट्स पराग्वे, विएना और कुआलालंपुर में भी हैं। 2015 में कॉफी डे का आईपीओ आया था।
एबीसी देश की सबसे बड़ी ग्रीन कॉफी निर्यातक
दक्षिण भारत में करीब 200 आउटलेट्स सिद्धार्थ के ब्रांड की कॉफी पाउडर बेचते हैं। एबीसी देश के सबसे बड़ी ग्रीन कॉफी निर्यातक है। उन्होंने अपने कारोबार पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए आईटी सेक्टर में भी हाथ आजमाया और ग्लोबल टेक्नोलॉजी वेंचर्स लिमिटेड की स्थापना की।
सिवन सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के जरिए वह पहले से ही वित्त क्षेत्र में सक्रिय थे। उनकी कंपनी की तीन सहयोगी कंपनियां थीं, चेतन वुड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड, हॉस्पिटिलिटी बिजनेस बेअरफुट रिजार्ट्स और टिंबर ट्रेडिंग-डार्क फॉरेस्ट फर्नीचर कंपनी।
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माइंडट्री में सबसे बड़े शेयरहोल्डर थे
सिद्धार्थ एक समय माइंडट्री के सबसे बड़े शेयरहोल्डर थे लेकिन इस साल मार्च में उन्होंने अपने 20.41 फीसदी हिस्सेदारी एलएंडटी को बेच दी। इससे उन्हें 2858 करोड़ का फायदा हुआ। इससे उन्होंने 2900 करोड़ के कर्ज को चुकाया।
सितंबर 2017 में आयकर विभाग ने की थी छापेमारी
सितंबर 2017 में आयकर विभाग ने सिद्धार्थ से जुड़े 20 से अधिक जगहों पर छापेमारी की थी। पिछले कुछ सालों में वह कर्ज के कुचक्र में फंसते चले गए। 31 मार्च 2018 को खत्म वित्त वर्ष में कॉफी डे एंटरप्राइजेज को 67.71 करोड़ का घाटा हुआ था जोकि इसके पिछले साल 22.28 करोड़ था। यह घाटा राजस्व के 59 फीसदी बढ़ने के बावजूद था।
परेशान नहीं किया जाता था जिंदा होते सिद्धार्थ : राजेगौड़ा
पिछले 40 साल से सिद्धार्थ के पारिवारिक मित्र और सहयोगी श्रृंगेरी के विधायक टीडी राजेगौड़ा ने कहा कि गायब होने से चार-पांच दिन पहले से वह परेशान थे। कर्ज चुकाने के लिए वह अपनी संपत्तियां बेचना चाहते थे। उनकी संपत्तियों की कीमत कर्ज से कहीं ज्यादा है। अगर उन्हें परेशान नहीं किया जाता तो वह आज जिंदा होते। सिद्धार्थ ने अपने पत्र में भी आयकर विभाग के पूर्व डीजी द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
सिद्धार्थ की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच हो : कांग्रेस
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सिद्धार्थ की मौत का मामला परेशान करने वाला है। निष्पक्ष जांच से उनकी मौत के कारणों का खुलासा होना चाहिए। उन्होंने सिद्धार्थ के पत्र में कर आतंकवाद का जिक्र होने की भी बात कही। साथ ही कहा कि यह राजनीतिक प्रभाव वाले संस्थानों की घिनौनी सच्चाई है। वहीं, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह उन लोगों को धोखा दे रहे हैं जिन्होंने स्वतंत्र और दिक्कत मुक्त अर्थव्यवस्था के लिए वोट दिया था।
सितंबर 2017 में आयकर विभाग ने की थी छापेमारी
सितंबर 2017 में आयकर विभाग ने सिद्धार्थ से जुड़े 20 से अधिक जगहों पर छापेमारी की थी। पिछले कुछ सालों में वह कर्ज के कुचक्र में फंसते चले गए। 31 मार्च 2018 को खत्म वित्त वर्ष में कॉफी डे एंटरप्राइजेज को 67.71 करोड़ का घाटा हुआ था जोकि इसके पिछले साल 22.28 करोड़ था। यह घाटा राजस्व के 59 फीसदी बढ़ने के बावजूद था।
परेशान नहीं किया जाता था जिंदा होते सिद्धार्थ : राजेगौड़ा
पिछले 40 साल से सिद्धार्थ के पारिवारिक मित्र और सहयोगी श्रृंगेरी के विधायक टीडी राजेगौड़ा ने कहा कि गायब होने से चार-पांच दिन पहले से वह परेशान थे। कर्ज चुकाने के लिए वह अपनी संपत्तियां बेचना चाहते थे। उनकी संपत्तियों की कीमत कर्ज से कहीं ज्यादा है। अगर उन्हें परेशान नहीं किया जाता तो वह आज जिंदा होते। सिद्धार्थ ने अपने पत्र में भी आयकर विभाग के पूर्व डीजी द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
सिद्धार्थ की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच हो : कांग्रेस
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सिद्धार्थ की मौत का मामला परेशान करने वाला है। निष्पक्ष जांच से उनकी मौत के कारणों का खुलासा होना चाहिए। उन्होंने सिद्धार्थ के पत्र में कर आतंकवाद का जिक्र होने की भी बात कही। साथ ही कहा कि यह राजनीतिक प्रभाव वाले संस्थानों की घिनौनी सच्चाई है। वहीं, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह उन लोगों को धोखा दे रहे हैं जिन्होंने स्वतंत्र और दिक्कत मुक्त अर्थव्यवस्था के लिए वोट दिया था।
एसवी रंगनाथ को बनाया गया अंतरिम चेयरमैन
सिद्धार्थ का शव मिलने के बाद कॉफी डे एंटरप्राइजेज ने एसवी रंगनाथ को अपना अंतरिम चेयरमैन बनाया है। साथ ही नितिन बागमाने को अंतरिम सीओओ नियुक्त किया गया है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टरों की 8 अगस्त को बैठक होगी और इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। बोर्ड ऑफ डायरेक्टरों में सिद्धार्थ की पत्नी मालविका हेगड़े भी शामिल हैं।
देशभर के सभी सीसीडी आउटलेट बंद रहे
अपने संस्थापक की मौत पर सीसीडी ने बुधवार को देशभर में अपने आउटलेट्स बंद रखे। करीब 240 शहरों में सीसीडी के 1750 रिटेल आउटलेट्स हैं। कर्नाटक में चिकमंगलूर, हासन और कोडुगू में कॉफी के सभी बागान कर्मियों की भी छुट्टी का एलान किया गया है।
भगोड़े माल्या ने निकाली भड़ास, बोला-भारत सरकार शातिर और निर्दयी
बैंकों का करोड़ों का कर्ज लेकर विदेश जा बसे भगोड़े विजय माल्या ने बुधवार को कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ की मौत के बहाने भारत सरकार पर अपनी भड़ास निकाली। उसने ट्वीट कर केंद्र सरकार को शातिर और निर्दयी करार दिया। लंदन में भारत प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ केस लड़ रहे माल्या ने सरकार पर कर्ज में घिरे कारोबारियों की मदद नहीं करने का भी आरोप लगाया है।
माल्या ने ट्वीट किया, मैं वीजी सिद्धार्थ से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ था। वह बहुत ही अच्छे इंसान और बेहतरीन कारोबारी थे। उनके खत की बातों से मुझे सदमा लगा है। उसने लिखा, सरकारी एजेंसियां और बैंक किसी को भी हताश कर सकती हैं। मेरे ही मामले को देख लीजिए, पूरा कर्ज चुकाने के प्रस्ताव के बावजूद मेरे साथ क्या हो रहा है। शातिर और निर्दयी।
देशभर के सभी सीसीडी आउटलेट बंद रहे
अपने संस्थापक की मौत पर सीसीडी ने बुधवार को देशभर में अपने आउटलेट्स बंद रखे। करीब 240 शहरों में सीसीडी के 1750 रिटेल आउटलेट्स हैं। कर्नाटक में चिकमंगलूर, हासन और कोडुगू में कॉफी के सभी बागान कर्मियों की भी छुट्टी का एलान किया गया है।
भगोड़े माल्या ने निकाली भड़ास, बोला-भारत सरकार शातिर और निर्दयी
बैंकों का करोड़ों का कर्ज लेकर विदेश जा बसे भगोड़े विजय माल्या ने बुधवार को कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ की मौत के बहाने भारत सरकार पर अपनी भड़ास निकाली। उसने ट्वीट कर केंद्र सरकार को शातिर और निर्दयी करार दिया। लंदन में भारत प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ केस लड़ रहे माल्या ने सरकार पर कर्ज में घिरे कारोबारियों की मदद नहीं करने का भी आरोप लगाया है।
माल्या ने ट्वीट किया, मैं वीजी सिद्धार्थ से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ था। वह बहुत ही अच्छे इंसान और बेहतरीन कारोबारी थे। उनके खत की बातों से मुझे सदमा लगा है। उसने लिखा, सरकारी एजेंसियां और बैंक किसी को भी हताश कर सकती हैं। मेरे ही मामले को देख लीजिए, पूरा कर्ज चुकाने के प्रस्ताव के बावजूद मेरे साथ क्या हो रहा है। शातिर और निर्दयी।