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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2018: जानिए क्या है इसका इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Mar 2018 01:28 PM IST
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आपने अतंर्राष्ट्रीय महिला दिवस के बारे में सोशल मीडिया, दोस्तों आदि से सुना होगा। मगर क्या आपको पता है कि इस दिन को क्यों और कबसे मनाया जाता है। यदि नहीं तो कोई बात नहीं हम आपको बता देते हैं। दरअसल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत लगभग एक शताब्दी पहले साल 1908 में तब हुई थी जब 15000 महिलाओं ने न्यूयॉर्क शहर में मार्च किया था। महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और मतदान के अधिकार के लिए मार्च किया था।
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महिलाओं द्वारा मार्च निकलने के एक साल बाद अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने राष्ट्रीय महिला दिवस की घोषणा की थी। इस दिन को अतंर्राष्ट्रीय महिला दिवस बनाने का विचार क्लारा जेटकिन नाम की महिला ने दिया था। उन्होंने इसका सुझाव कोपेनहेगन में साल 1910 में अंतर्राष्ट्रीय कामकाजी महिलाओं के सम्मेलन में दिया। उस समय सम्मेलन में 17 देशों की 100 महिलाएं मौजूद थीं जिन्होंने बिना किसी विरोध के इस बात पर अपनी सहमति जताई। जिसके बाद साल 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में महिला दिवस मनाया गया। इस साल हम 107वां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाएंगे।
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साल 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को मनाना शुरू कर दिया। पहली बार साल 1996 में महिला दिवस के लिए सालाना थीम रखी जाने लगी। इस साल की थीम है- प्रेस फॉर प्रोग्रेस। इस दिन को महिलाओं द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों, समाज, राजनीति और आर्थिक क्षेत्र में उनकी स्थिति को सेलिब्रेट करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन निरंतर जारी असमानता के खिलाफ लोगों में जागरुकता पैदा करने की कोशिश की जाती है।
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