International Women's Day: लोकसभा अध्यक्ष बिरला बोले- देश निर्माण के लिए 100 फीसदी महिला साक्षरता जरूरी
International Women's Day: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भारत की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी की सराहना की और विभिन्न क्षेत्रों में उनके नेतृत्व पर जोर दिया। उन्होंने संविधान सभा की 15 महिला सदस्यों को श्रद्धांजलि दी।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भारत की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने शासन, विज्ञान, रक्षा, शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं के नेतृत्व पर जोर दिया। बिरला शनिवार को संसद भवन परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
लोकसभा अध्यक्ष ने इस दौरान निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है और महिलाएं जमीनी स्तर के लोकतंत्र से राष्ट्रीय शासन तक बदलाव ला रही हैं। भारतीय लोकतंत्र के ढांचे में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डालते हुए बिरला ने संविधान सभा की 15 महिला सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
ओम बिरला ने कहा कि देश संविधान के 75 वर्ष पूरे कर रहा है और ऐसे में लैंगिक समानता और समावेशी शासन की नींव रखने में महिलाओं के प्रयासों को महत्व देने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों पर बात की। विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ते देखा जा सकता है जहां अब वे अग्रिम मोर्चे पर तैनात हैं। साथ ही लड़ाकू विमान उड़ाने और नौसेना के अभियानों में भी उनका नेतृत्व बढ़ा है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक सुधार
भारत के अंतरिक्ष मिशनों और वैज्ञानिक प्रगति में महिलाओं की भूमिका पर बिरला ने कहा कि नारी शक्ति ने विज्ञान के क्षेत्र में देश को कई बड़ी उपलब्धियां दिलाई हैं। इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को भारतीय लोकतंत्र का एक ऐतिहासिक सुधार बताया। उन्होंने कहा कि यह नए संसद भवन में पारित हुआ पहला कानून है जो लैंगिक समानता के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कानून विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाएगा और नीति निर्माण व शासन में उनकी अधिक भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
महिला सशक्तिकरण की नींव सौ फीसदी साक्षरता
ओम बिरला ने 100 प्रतिशत महिला साक्षरता हासिल करने के महत्व पर भी जोर दिया और शिक्षा को महिला सशक्तिकरण की आधारशिला बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा तक समान पहुंच के बिना सच्ची लैंगिक समानता हासिल नहीं की जा सकती है। बिरला ने 2025 को महिलाओं की आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष बनाने का आह्वान किया।
संविधान सभा की महिला सदस्यों पर प्रदर्शनी का शुभारंभ
इस अवसर पर बिरला ने संसदीय लोकतंत्र अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा आयोजित संविधान सभा की महिला सदस्यों पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। संसद भवन परिसर में आयोजित यह प्रदर्शनी भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। इसमें संविधान सभा की 15 महिला सदस्यों के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला गया है।
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