फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   international women day kailash satyarthi honored police constable sunita and e rickshaw driver brahmbhatt

महिला दिवस: नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी ने रिक्शा चालक ब्रह्मदत्त और पुलिस कॉन्स्टेबल सुनीता को बताया रोल मॉडल, जानिए क्यों

Tue, 08 Mar 2022 04:55 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 08 Mar 2022 04:55 PM IST
सार

नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने ई-रिक्शा चालक ब्रह्मदत्त राजपूत और महिला पुलिस कॉन्स्टेबल सुनीता को उनके साहस और बहादुरी के लिए सम्मानित किया। ई-रिक्शा चालक ब्रह्मदत्त ने 2 लड़कियों को ट्रैफिकर के चंगुल से मुक्त कराया था।

विज्ञापन
international women day kailash satyarthi honored police constable sunita and e rickshaw driver brahmbhatt
पुलिस कॉन्स्टेबल सुनीता को कैलाश सत्यार्थी ने किया सम्मानित - फोटो : social media

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने ई-रिक्शा चालक ब्रह्मदत्त राजपूत और महिला पुलिस कॉन्स्टेबल सुनीता को उनके साहस और बहादुरी के लिए सम्मानित किया। ई-रिक्शा चालक ब्रह्मदत्त ने 2 लड़कियों को ट्रैफिकर के चंगुल से मुक्त कराया था। वहीं पश्चिमी दिल्ली में पुलिस कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात सुनीता ने पिछले 8 महीनों में 73 गुमशुदा बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाने का बेहतरीन काम किया है।
विज्ञापन


उन्हें सम्मानित करते हुए कैलाश सत्यार्थी ने दोनों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ब्रम्हदत्त और सुनीता ने जो किया है वह अनुकरणीय है। उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और सही के लिए खड़े हुए। उन्होंने बच्चों को ट्रैफिकर के चंगुल से मुक्त किया। वे रोल मॉडल हैं। 
विज्ञापन


ब्रम्हदत्त ने कहा कि वह इस पल को हमेशा याद रखेंगे । ब्रम्हदत्त ने कहा कि वे हमेशा बच्चों की मदद करते रहेंगे। इतना ही नहीं जरूरतमंद बच्चों की मदद करने के लिए अन्य ई-रिक्शा चालकों को भी एकजुट और जागरूक करेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दो बच्चियों को ट्रैफिकर के चंगुल से छुड़वाया
गौरतलब है कि ब्रह्मदत्त दिल्ली में ई-रिक्शा चलाकर अपना जीवन-यापन करते हैं।  5 मार्च को जब वे दिल्ली के विवेक विहार में बालाजी मंदिर के पास यात्रियों का इंतजार कर रहे थे। तभी एक युवक 7 साल और 4 साल की दो बच्चियों को लेकर उनके ई-रिक्शा पर सवार हुआ और उसे चिंतामणि चौक पर छोड़ने को कहा। ब्रह्मदत्त को कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई। तब ब्रह्मदत्त ने बच्चियों से पूछा कि क्या वे उस आदमी को जानती हैं? इस पर दोनों ने नहीं में जवाब दिया।

इसके बाद ब्रह्मदत्त ने एक ट्रैफिक पुलिस के पास अपना रिक्शा मोड़ा और वस्तुस्थिति की उन्हें पूरी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसने लड़कियों का अपहरण भीख मंगवाने के उद्देश्य से किया था। उसने बताया कि वह कचरे से भरे दो पॉलीबैग भी ले जा रहा था। तभी दोनों बच्चियों ने उस आदमी से खाना उपलब्ध कराने के बाद उन्हें अपने घर छोड़ने के लिए कहा। फिलहाल दोनों को उनके माता-पिता से मिला दिया गया है। 


सुनीता ने 73 गुमशुदा बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाया

पश्चिमी दिल्ली में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में पुलिस कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात सुनीता ने  73 गुमशुदा बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाया है। इन बच्चों के  मिलने की उम्मीद उनके घरवालों ने भी छोड़ दी थी। पिछले महीने सुनीता ने विकासपुरी के एक सात साल के लड़के, मायापुरी की एक 13 साल की लड़की और कंजावाला के दो बच्चों का पता लगाया है। दिल्ली पुलिस ने सुनीता को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की सिफारिश की है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed