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बांग्लादेश समेत आठ देशों के कलाकार करेंगे रामायण का मंचन, अमित शाह करेंगे उद्घाटन
Fri, 13 Sep 2019 08:12 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 13 Sep 2019 08:12 PM IST
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Vinay sahasrabuddhe ramayan mahotsav
- फोटो : File Photo (Twitter)
पड़ोसी देश बांग्लादेश और श्रीलंका समेत दुनिया के आठ देशों के कलाकार 17 से 22 सितंबर के बीच दिल्ली, लखनऊ और पुणे में रामायण की विभिन्न घटनाओं का सजीव मंचन करेंगे। दिल्ली में 17 सितंबर से शुरु होने जा रहे इस कार्यक्रम का उद्घाटन गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। अंतरराष्ट्रीय रामायण महोत्सव के नाम से आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम 2015 में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दिशा-निर्देश पर शुरु हुआ था। उस समय इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के अध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने एक प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए इस तरह के आयोजन बड़ी भूमिका निभाते हैं। भारतवंशी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और वे वहां जाकर भी अपनी संस्कृति में गहरा विश्वास रखते हैं। प्रवासी भारतीयों के इन धार्मिक कार्यक्रमों के जरिये संबंधित देशों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में भी किया जा सकता है।
भाजपा सांसद विनय सहस्रबुद्धे ने बताया कि इससे विदेशों में भारत और भारतीयों की छवि निखरती है, जो अंततः देश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाती है। इन कार्यक्रमों के जरिए भारतीय संस्कृति से रूबरू कराने की कोशिश की जा रही है। इस बार अंतरराष्ट्रीय रामायण महोत्सव बांग्लादेश और श्रीलंका के अलावा थाईलैंड, इंडोनेशिया, कंबोडिया, मारीशस, त्रिनिदाद और फिजी के कलाकार भाग ले रहे हैं।
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भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के अध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने एक प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए इस तरह के आयोजन बड़ी भूमिका निभाते हैं। भारतवंशी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और वे वहां जाकर भी अपनी संस्कृति में गहरा विश्वास रखते हैं। प्रवासी भारतीयों के इन धार्मिक कार्यक्रमों के जरिये संबंधित देशों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में भी किया जा सकता है।
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भाजपा सांसद विनय सहस्रबुद्धे ने बताया कि इससे विदेशों में भारत और भारतीयों की छवि निखरती है, जो अंततः देश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाती है। इन कार्यक्रमों के जरिए भारतीय संस्कृति से रूबरू कराने की कोशिश की जा रही है। इस बार अंतरराष्ट्रीय रामायण महोत्सव बांग्लादेश और श्रीलंका के अलावा थाईलैंड, इंडोनेशिया, कंबोडिया, मारीशस, त्रिनिदाद और फिजी के कलाकार भाग ले रहे हैं।
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