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इंटरनेशनल माउंटेन डेः महाराष्ट्र में शुरू होगी पर्वत पूजन की अनोखी परंपरा

Thu, 10 Dec 2020 09:19 PM IST
मुकेश कुमार झा सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई Published by: मुकेश कुमार झा Updated Thu, 10 Dec 2020 09:19 PM IST
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International Mountain Day: The unique tradition of mountain worship will begin in Maharashtra
mountain - फोटो : pixa

देश में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। वहीं, महाराष्ट्र के आदिवासी समाज में दीपावली के दिन पर्वत पूजा का बड़ा महत्व है। लेकिन महाराष्ट्र में एवरेस्ट पर्वतारोहियों की शीर्ष संस्था अखिल महाराष्ट्र गिर्यारोहण महासंघ ने अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस (माउंटेन डे) पर पर्वत पूजन का अनोखी परंपरा शुरू करने का निश्चय किया है। शुक्रवार को सूबे के हर जिले में पर्वतारोहियों द्वारा पर्वत पूजन किया जाएगा।

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अखिल महाराष्ट्र गिर्यारोहण महासंघ के अध्यक्ष उमेश जिरपे ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने पर्वतों के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करन के लिए साल 2003 में 11 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय माउंटेन डे घोषित किया है। जीवन में पर्वत का क्या महत्व है। लोगों को न केवल इसकी विशेषता जाननी बहुत जरूरी है बल्कि जैव विविधता का हमारे जीवन मूल्य से भी परिचित होना जरूरी है। इसलिए महासंघ ने प्रकृति संरक्षण का बृहद संदेश देने के लिए पर्वत पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया है। 
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जिरपे ने बताया कि राज्य के 25 जिला-स्तरीय पर्वतारोहण क्लब, प्रकृति समूह, साहसिक समूह, वाइल्डलाइफर्स पूजा का हिस्सा बनेंगे। उमेश जिरपे ने कहा, कोरोना महामारी के मद्देनजर एक पर्वत पर 15 से 20 पर्वतारोही ही पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि पर्वत पूजन को हम बड़े पैमाने पर आयोजित कर रहे हैं और धीरे-धीरे एक संस्कृति विकसित करना चाहते हैं।
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दो बार एवरेस्ट फतह कर चुके पर्वातरोही उमेश जिरपे ने जॉय ऑफ माउंटेनियरिंगः ए बिगिनर गाईड फॉर चिल्ड्रन सहित कई किताबें भी लिखी है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में हजारों लोग समुद्र और हवा में खेल की गतिविधियों का हिस्सा होते है। पर्वतारोहण में गर्व की अनुभूति होती है। क्योंकि यह साहसिक खेल की श्रेणी में आता है। 


एक पर्वतारोही प्रकृति, वनस्पतियों जीवों, भूगोल, भूविज्ञान आदि के बारे में बहुत कुछ सीखता है। इसलिए पर्वत पूजा के जरिए प्रकृति से प्रेम के संदेश की भी ब्रांडिंग करनी है। पहाड़ हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पर्वत को सुरक्षित बनाए रखना है। इसलिए संयुक्त राष्ट्रसंघ ने इस साल माउंटेन डे पर जैव विविधता की थीम दिया है। माउंटेन डे का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के बीच पर्वतारोहण संस्कृति को विकसित करना और उसे बढ़ावा देना है। 

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