फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   International Bicycle Journey Reaches Begusarai, Anil Prakash Joshi Spreads Message of Environmental Conservat

बिहार: बेगूसराय पहुंची अंतरराष्ट्रीय साइकिल यात्रा, अनिल प्रकाश जोशी ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

Wed, 07 Oct 2026 08:48 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना। Published by: राहुल कुमार Updated Wed, 07 Oct 2026 08:48 PM IST
सार

पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी दर्जनों सहयोगियों के साथ बुधवार को साइकिल से पनहास स्थित भारद्वाज गुरुकुल पहुंचे। वह साइकिल से जनकपुर (नेपाल) से देहरादून तक की यात्रा कर रहे हैं।
 

विज्ञापन
International Bicycle Journey Reaches Begusarai, Anil Prakash Joshi Spreads Message of Environmental Conservat
भारद्वाज गुरुकुल स्कूल बेगूसराय बिहार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जनकपुर (नेपाल) से देहरादून तक पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता का संदेश लेकर निकली अंतरराष्ट्रीय साइकिल यात्रा बुधवार को बेगूसराय के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पहुंची। यात्रा के दौरान पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने बच्चों और युवाओं से संवाद कर प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझाया। यात्रा दल स्थानीय साइकिल समूह के सदस्यों के साथ सबसे पहले राजकीय मध्य विद्यालय, बीहट पहुंचा। विद्यालय में प्रधानाचार्य विनोद भारती ने डॉ. जोशी का अंगवस्त्र और पुष्पमाला से स्वागत किया। कार्यक्रम में पंचायत राज विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

विज्ञापन


बच्चों से सहज अंदाज में किया संवाद
डॉ. जोशी ने बच्चों से सहज और हास्यपूर्ण अंदाज में बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रकृति केवल किताबों का विषय नहीं, बल्कि हमारे जीवन का आधार है। हवा, पानी, पेड़-पौधे और मिट्टी को बचाना आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में एक छात्रा ने महान कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की रचनाओं का पाठ किया। छात्रा ने ‘मंजिल दूर नहीं’ और ‘चूहे की दिल्ली’ प्रस्तुत की। बीहट की धरती को दिनकर की कर्मभूमि से जोड़ते हुए बच्चों ने साहित्य, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
विज्ञापन


किंडरगार्टन में बच्चों को बताया प्रकृति का महत्व
इसके बाद यात्रा दल पचंपा स्थित किंडरगार्टन स्कूल पहुंचा। यहां डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने छोटे बच्चों से सहज और हंसी-मजाक के अंदाज में संवाद किया। उन्होंने शिक्षा और प्रकृति के बीच संबंध को समझाया। स्कूल के निदेशक नीरज जी और कुमारी मैडम ने यात्रा दल का स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारद्वाज गुरुकुल में हरियाली और प्राकृतिक संरचना की सराहना
यात्रा दल इसके बाद भारद्वाज गुरुकुल पहुंचा। विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव प्रकाश भारद्वाज और शिक्षकों ने डॉ. जोशी का स्वागत किया। विद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही डॉ. जोशी ने यहां का वातावरण सामान्य बाहरी परिवेश की तुलना में अधिक प्राकृतिक और ठंडा महसूस किया। उन्होंने कहा कि परिसर की हरियाली और प्राकृतिक संरचना का असर यहां स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने विद्यालय के अंदर और बाहर के तापमान का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन और तुलनात्मक विश्लेषण कराने का सुझाव दिया। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि हरियाली और प्राकृतिक संरचना स्थानीय तापमान को किस तरह प्रभावित करती है।

बांस से बने ऑडिटोरियम की भी सराहना
डॉ. जोशी ने विद्यालय में बनाए गए इको-फ्रेंडली ऑडिटोरियम की भी सराहना की। इसकी छत बांस से बनाई गई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय और प्राकृतिक संसाधनों का इस तरह इस्तेमाल पर्यावरण-अनुकूल निर्माण की दिशा में सराहनीय पहल है। विद्यालय प्रबंधन की ओर से परिसर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, वर्षाजल संचयन और जल प्रबंधन, गोपालन और प्रकृति आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. जोशी ने विद्यालय की पर्यावरणीय पहलों की सराहना करते हुए कहा कि भारद्वाज गुरुकुल ने शिक्षा के साथ प्रकृति को जोड़कर एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में प्रवेश करते ही प्राकृतिक अनुभूति होती है और यहां समावेशी एवं पारिस्थितिकी आधारित शिक्षा व्यवस्था विकसित करने का प्रयास दिखाई देता है।


उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण सिर्फ किताबों में नहीं पढ़ाना है, बल्कि उन्हें पेड़, मिट्टी, पानी, पशु और प्रकृति के बीच रहकर इसे समझने का अवसर देना होगा। ऐसे विद्यालय भविष्य की पर्यावरण-संवेदनशील पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साइकिल यात्रा इसी संदेश के साथ आगे बढ़ी कि प्रकृति संरक्षण को शिक्षा, जीवनशैली और समाज के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाया जाए। यात्रा दल बच्चों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए आगे रवाना हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed