फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   instructions to SpiceJet deposit 579 million

मारन विवाद में स्पाइसजेट को 579 करोड़ जमा कराने के आदेश

Fri, 29 Jul 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 29 Jul 2016 10:23 PM IST
विज्ञापन
 instructions to SpiceJet deposit 579 million
प्लेन - फोटो : demo pics

हाईकोर्ट ने स्पाइसजेट और सन ग्रुप के प्रमुख कलानिधि मारन तथा उनकी काल एयरवेज को स्पाइसजेट के शेयरों के हस्तांतरण को लेकर उनके विवाद को मध्यस्थ न्यायाधिकरण प्रक्रिया से एक वर्ष के भीतर सुलझाने को कहा है। साथ ही अदालत ने स्पाइसजेट को 12 माह में अदालत में 579 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश भी दिया है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह ने स्पाइसजेट को निर्देश दिया वह पांच किस्तों में दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के नाम 579 करोड़ रुपये फिक्स डिपॉजिट कराए। इसकी पहली किस्त अगस्त में जमा करानी होगी। अदालत ने कहा है कि स्पाइसजेट के शेयर किसी तीसरे पक्ष को जारी करने या हस्तांतरित करने पर रोक का अंतरिम आदेश अभी बरकरार रहेगा।
विज्ञापन


मारन और उनकी विमानन कंपनी ने मांग की है कि स्पाइसजेट की खरीद-बिक्री के 2015 के समझौते (एसपीए) के अनुसार उन्हें इस एयरलाइन के शेयर वारंट जारी किए जाएं। इसी एसपीए के आधार पर कम किराये वाली इस विमानन कंपनी के स्वामित्व का हस्तांतरण इसके सह संस्थापक अजय सिंह को किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मारन और उनकी कंपनी की याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्पाइसजेट को करीब 579 करोड़ रुपये भुगतान करने के बावजूद विमानन कंपनी ने उन्हें शेयर वारंट या परिवर्तनीय भुनाने योग्य तरजीह शेयर की पहली और दूसरी किस्त जारी नहीं की।

उनका यह भी कहना है कि उनकी ओर से दी गई राशि से स्पाइसजेट के सांविधिक बकायों के भुगतान भी नहीं किए गए, जिसके कारण उनके खिलाफ मुकदमे खड़े हो गए हैं।

 instructions to SpiceJet deposit 579 million
SpiceJet - फोटो : .financialexpress

इससे पहले सेबी ने मारन और उनके काल एयरवेज के पक्ष में वारंट जारी करने के स्पाइसजेट के निदेशक मंडल द्वारा पारित प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करने में अक्षमता जाहिर की थी। निदेशक मंडल का प्रस्ताव अदालत के निर्देश पर पारित किया गया था।

याचिकाकर्ता के दावे के अनुसार स्पाइसजेट की खरीद बिक्री के 2015 के समझौते के तहत मारन और काल एयरवेज ने कंपनी में अपने पूरे 35,04,28,758 शेयर, 58.46 प्रतिशत हिस्सेदारी अजय सिंह को हस्तांतरित की थी। उसके अनुसार मारन और काल एयरवेज को स्पाइसजेट को 579 करोड़ रुपये का भुगतान करने के एवज में भुनाने योग्य शेयर वारंट जारी किए जाने थे।

यह राशि एयरलाइन कंपनी की परिचालन लागत और उस पर बकाया कर्जों आदि के भुगतान पर खर्च की जानी थी। स्पाइस जेट ने इससे पहले अदालत में कहा था कि इसके स्वामित्व में परिवर्तन इस एयरलाइन के पुनरोद्धार के लिए किया गया था।

ताकि इस पर 2000 करोड़ रुपये की देनदारियों का समाधान निकाला जा सके। ये देनदारियां उस समय की थीं, जब इसका प्रबंध मारन के हाथों में था। स्पाइसजेट ने दावा किया है कि उसने एक-एक पैसे का उपयोग परिचालन खर्च और देनदारी निपटाने पर किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed