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Job Creation: मुफ्त चीजें देने से नहीं, रोजगार सृजन से गरीबी हटाने में मिलेगी मदद, नारायण मूर्ति का बयान

Wed, 12 Mar 2025 10:42 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 12 Mar 2025 10:42 PM IST
सार

इंफोसिस के को-फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति ने बुधवार को कहा कि नए और इनोवेटिव बिजनेस के जरिए नौकरियां बढ़ाने से ही गरीबी मिट सकती है, न कि मुफ्त योजनाओं से। मुंबई में टीआईईकॉन 2025 कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर हम नई और इनोवेटिव कंपनियां बना पाए, तो गरीबी सूरज की धूप में ओस की तरह गायब हो जाएगी।

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Infosys - Job creation, not freebies, will help eliminate poverty: Narayana Murthy, News in Hindi
एनआर. नारायण मूर्ति, इंफोसिस के सह-संस्थापक - फोटो : ANI

विस्तार

इंफोसिस के सह-संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने बुधवार को कहा कि मुफ्त चीजें देने से नहीं, बल्कि रोजगार सृजन से ही गरीबी को हटाने में मदद मिलेगी। 'टाइकॉन मुंबई 2025' कार्यक्रम में मूर्ति ने उद्यमियों से अधिक रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर हम नवोन्मेषी उद्यम बनाने में सक्षम हो तो गरीबी सुबह की ओस की तरह गायब हो जाएगी। 
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नारायण मूर्ति ने उद्यमियों के समूह को संबोधित करते हुए कहा, मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि आप में से प्रत्येक व्यक्ति लाखों रोजगार सृजन करेगा और इसी तरह आप गरीबी की समस्या का समाधान करेंगे, आप मुफ्त चीजें देकर गरीबी की समस्या का समाधान नहीं कर सकते, कोई भी देश इसमें सफल नहीं हुआ है। बता दें कि मूर्ति की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब मुफ्त चीजें देने पर देश में बहस छिड़ी हुई है।
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फ्री योजनाओं पर क्या बोले नारायण मूर्ति?
भारत सरकार हर महीने 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देती है। इस पर हो रही बहस के बीच मूर्ति ने कहा कि सरकार जो भी मुफ्त सुविधाएं देती है, उसके बदले कुछ शर्तें रखनी चाहिए। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, तो 6 महीने बाद जांच होनी चाहिए कि क्या उनके बच्चे ज्यादा पढ़ाई कर रहे हैं या माता-पिता की रुचि बच्चों की पढ़ाई में बढ़ी है।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर क्या बोले नारायण मूर्ति?
नारायण मूर्ति ने आजकल बिक रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉल्यूशन्स को सिर्फ पुराने प्रोग्राम बताया, जिन्हें फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी के नाम पर बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि एआई में मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग जैसे फीचर्स होते हैं, लेकिन अभी ज्यादातर कंपनियां पुराने सॉफ्टवेयर को ही नया बताकर बेच रही हैं। नारायण मूर्ति का मानना है कि अगर भारत में ज्यादा इनोवेटिव बिजनेस बढ़ेंगे, तो नौकरियां बढ़ेंगी और गरीबी अपने आप खत्म हो जाएगी। फ्री योजनाओं का सही लाभ तभी होगा, जब उनके बदले लोगों से कुछ उम्मीदें रखी जाएं।

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