फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   IndiGo flights DGCA takes strict action and asks other airlines for requests for vacant slots

DGCA: इंडिगो की उड़ानों में भारी गड़बड़ी के बाद सरकार सख्त, दूसरे एयरलाइनों से मांगी खाली स्लॉट्स की मांग

Thu, 22 Jan 2026 10:41 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 22 Jan 2026 10:41 PM IST
सार

दिसंबर में इंडिगो की हजारों उड़ानें रद्द और लेट होने से लाखों यात्री परेशान हुए थे। इसके बाद DGCA ने इंडिगो के विंटर शेड्यूल में 10% कटौती कर दी, जिससे कई उड़ान स्लॉट खाली हो गए। सरकार ने इन स्लॉट्स को दूसरी एयरलाइनों को देने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन शर्तें सख्त हैं। आइए पूरी खबर विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
IndiGo flights DGCA takes strict action and asks other airlines for requests for vacant slots
इंडिगो - फोटो : X-@IndiGo6E

विस्तार

पिछले साल दिसंबर में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में भारी अव्यवस्था देखने को मिली थी। 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,507 उड़ानें रद्द कर दी थीं और 1,852 उड़ानें देर से चलीं, जिससे देशभर के हवाई अड्डों पर 3 लाख से ज्यादा यात्री परेशान हुए। इस बड़ी गड़बड़ी के बाद अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सख्त कदम उठाते हुए इंडिगो के विंटर शेड्यूल में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी। इसको ऐसे समझा जा सकता है कि इंडिगो को कई समय-स्लॉट्स (उड़ान के तय समय) पर उड़ानें बंद करनी पड़ीं।

विज्ञापन


गुरुवार को सरकार ने दूसरी एयरलाइनों से कहा कि वे इंडिगो द्वारा छोड़े गए इन स्लॉट्स के लिए अपनी इच्छा और मांग बताएं। नागर विमानन मंत्रालय ने बताया कि इंडिगो के खाली स्लॉट्स के बंटवारे के लिए बनी समिति की पहली बैठक 13 जनवरी को हुई थी, जिसमें नियम और प्रक्रिया पर चर्चा हुई। इसके बाद अब एयरलाइनों से कहा गया है कि वे संबंधित एयरपोर्ट ऑपरेटर को अपनी मांग भेजें। हालांकि, अंतिम फैसला सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ही लेगी।
विज्ञापन


एयरलाइनों के लिए रखीं गई ये शर्तें
मामले में सरकार ने साफ कहा है कि कोई भी एयरलाइन अपनी मौजूदा उड़ानें बंद करके इंडिगो के स्लॉट्स का इस्तेमाल नहीं कर सकती। स्लॉट्स का इस्तेमाल नियमों के तहत ही करना होगा। हालांकि इस मामले में एयरलाइनों की दिलचस्पी कम दिख रही है। एक एयरलाइन इंडस्ट्री के अधिकारी ने बताया कि इंडिगो ज्यादातर रात के देर से चलने वाली (रेड-आई) उड़ानों के स्लॉट्स छोड़ रहा है, जिन्हें कोई लेना नहीं चाहता।अधिकारी के मुताबिक कहीं छह उड़ानों में से सिर्फ एक उड़ान का स्लॉट छोड़ा गया है। ऐसे छोटे और कम फायदेमंद स्लॉट्स में किसी एयरलाइन की खास रुचि नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Upendra Dwivedi: 'ऑपरेशन सिंदूर सबसे सफल अभियान', सेना प्रमुख ने बताया इस कार्रवाई के बाद क्या-क्या बदला

इंडिगो की मुनाफे में बड़ी गिरावट
गुरुवार को इंडिगो ने बताया कि दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में उसका मुनाफा 78 प्रतिशत घटकर 549.1 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने कहा कि खर्च बढ़ने, नए श्रम कानूनों के लागू होने और रुपये की कीमत में उतार-चढ़ाव की वजह से मुनाफा कम हुआ, हालांकि यात्रियों की संख्या और आमदनी बढ़ी थी।

डीजीसीए की सख्ती और जुर्माना
बता दें कि 17 जनवरी को डीजीसीए ने इंडिगो पर कुल 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और दो वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई। इतना ही नहीं डीजीसीए ने इंडिगो को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश भी दिया, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हों।

ये भी पढ़ें:- Census 2027: गृह मंत्रालय ने पहले चरण की जनगणना के लिए जारी की अधिसूचना,पारिवारिक जानकारी के साथ देने होंगे इन 33 सवालों के जवाब

डीजीसीए ने बताई क्या है वजह?
गौरतलब है कि इससे पहले 20 जनवरी को डीजीसीए ने कहा कि उड़ानों की अव्यवस्था की मुख्य वजह उड़ान क्रू की सही योजना न होना, नियमों के मुताबिक तैयारी की कमी, सॉफ्टवेयर और मैनेजमेंट सिस्टम की खामियां और कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा काम का दबाव है। डीजीसीए के मुताबिक, इंडिगो ने विमान, क्रू और नेटवर्क का अत्यधिक इस्तेमाल किया, जिससे सुरक्षा और संचालन पर असर पड़ा।

अन्य वीडियो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed