फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   indian vice president Venkaiah naidu should be given adequate representation to women in parliament and state assemblies

संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए : नायडू

Fri, 21 Aug 2020 04:51 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 21 Aug 2020 04:51 AM IST
विज्ञापन
indian vice president Venkaiah naidu should be given adequate representation to women in parliament and state assemblies
वेंकैया नायडू (फाइल फोटो)

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को संसद और राज्य विधान मंडलों में महिलाओं के लिए पर्याप्त आरक्षण की वकालत करते हुए सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर जल्द से जल्द आम सहमति बनाने का आग्रह किया।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त नहीं किया जायेगा तो देश की प्रगति बाधित होगी। नायडू ने बुजुर्गों की नजरअंदाज किए जाने और दुर्व्यवहार की खबरों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, यह पूरी तरह से अस्वीकार्य प्रवृत्ति है और इस पर लगाम लगनी चाहिये।
विज्ञापन



उन्होंने कहा कि यह बच्चों का परम कर्तव्य है कि वे अपने परिवारों के वृद्ध सदस्यों की देखभाल करें। नायडू ने स्कूलों में नैतिक शिक्षा का भी आह्वान किया ताकि बच्चे बड़े होकर जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनें।
विज्ञापन
विज्ञापन


उप राष्ट्रपति ने कहा, हमें संसद और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए पर्याप्त आरक्षण सुनिश्चित करना चाहिए और मैं सभी राजनीतिक दलों से इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जल्द से जल्द आम सहमति बनाने का आग्रह करता हूं।

एक अधिकारिक बयान के अनुसार उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है। उन्होंने भारत में जन्म के समय लिंग अनुपात की स्थिति, और भारत में बुजुर्गों की जनसंख्या पर रिपोर्ट जारी करने के दौरान ये बातें कहीं।

नायडू ने ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान कहा कि जिन जिलों में यह लिंग अनुपात ज्यादा असंतुलित है वहां के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को इस पर ज्यादा ध्यान देना चाहिये। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या व दहेज पर प्रतिबंध लगाने वाले कानूनों को सख्ती से लागू करने के साथ ही बालिकाओं के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया।


उन्होंने कहा कि महिलाओं को संपत्ति में एक समान हिस्सा दिया जाना चाहिए ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त हों।


उन्होंने जन प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं, राजनीतिक दलो और अन्य महत्वपूर्ण हितधारकों से गरीबी मिटाने, अशिक्षा और लिंगभेद जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए ज्यादा ध्यान देने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को इन पर ध्यान देना चाहिये।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed