मां-बाप की गुहार, मुसीबत में है मेरा लाल, मदद करे मोदी सरकार
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आवास विकास सेक्टर एक के मकान नंबर 283 में तख्त पर गुमसुम से बैठे नरेंद्र सिंह चौहान और उनकी पत्नी नीरा चौहान की आंखों से एक एक कर आंसू गिरते जा रहे हैं। दोनों की नजरें गेट पर लगी हैं।
उम्मीद है सरकार की तरफ से कोई आएगा और बेटे की सुरक्षा के लिए दिलासा देगा। कोई नहीं आता, तो नरेंद्र चौहान खड़े होते हैं, गली में झांककर देखते हैं और अजीब सी घबराहट मन में लिए वापस आकर चुपचाप बैठ जाते हैं। शाम के चार बजे हैं। तभी मीडियाकर्मी आते हैं तो दोनों खड़े हो जाते हैं। सीने में दबा दर्द जुबां पर आ जाता है। फूट फूटकर रोने लगते हैं।
नरेंद्र चौहान गुजारिश करते हैं, आप ही हमारी बात सरकार तक पहुंचा दो, अभी तक किसी ने सुध नहीं ली है, हमारा लाल परदेस में खतरे में है, उसकी रक्षा कैसे होगी? उन्होंने बताया कि न विदेश मंत्रालय ने कोई खबर ली है, न भारतीय दूतावास से कोई फोन आया है।
बेटे से कल (रविवार) शाम बात हुई थी, उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इसके बाद उसके दोस्त का फोन आया, उसने बताया कि अब उससे ( इंद्रजीत से ) बात कराने के लिए डाक्टर ने मना किया है।
नीरा चौहान कहती हैं, अभी तो मेरे बच्चे को पूरा एक साल वहां रहना है, मेरे लाल की रक्षा करे सरकार। उन्होंने बताया कि मई में उसकी परीक्षा है। इसके बाद घर आएगा। उसके पांच साल हो गए हैं। छह साल में पढ़ाई पूरी होगी। इसकेबाद नरेंद्र और नीरा चौहान एक साथ कहते हैं, हमारा लाल मुसीबत में है, मोदी सरकार को उसकी मदद करनी चाहिए।
चार दिन पहले ही मनाया बर्थ-डे
1991 में पैदा हुए इंद्रजीत सिंह चौहान का सात अप्रैल को 25 वां जन्म दिवस पूरे परिवार ने मनाया। वह यूक्रेन में ही था, लेकिन फोन पर उससे बात करके पूरे परिवार ने खुशियां बांटी। मां ने बेटे की कामयाबी के लिए मंदिर में प्रसाद चढ़ाया। पिता नरेंद्र सिंह चौहान, बड़ी बहन प्रियंका चौहान और छोटी कुसुम चौहान ने भी फोन पर भाई से बात कर जन्म दिन की बधाई दी।
और पुलिस पहुंच गई
जैसे ही नरेंद्र चौहान और नीरा चौहान ने कहा कि केंद्र सकरार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है, वैसे ही पुलिस की दो जीप उनके घर के ठीक सामने आकर रुकीं। एक में सिकंदरा थाना के प्रभारी और दूसरे में जगदीश पुरा थाना के इंस्पेक्टर थे।
उन्हें एसएसपी आवास से वहां जाने के लिए कहा गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से एसएसपी को घटनाक्रम की जानकारी दी गई। इसके बाद ही पुलिस सक्रिय हुई।