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अंतरिक्ष में बेहद करीब पहुंचे भारत और रूस के सैटेलाइट्स, दोनों देशों ने मापी अलग-अलग दूरी
Sat, 28 Nov 2020 12:31 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 28 Nov 2020 12:31 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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पृथ्वी की कक्षा में भारत का रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट CARTOSAT-2F, रूस का अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट Kanopus-V के काफी नजदीक आ गया है। दोनों देशों के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन नजदीक से इसकी निगरानी कर रहे हैं, लेकिन दोनों के माप की दूरी अलग-अलग आ रही है।
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रूस की रॉसकॉसमॉस का दावा- दूरी 224 मीटर
शुक्रवार को रूस के अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने कहा कि रूस के रॉकेट (TsNIIMash) के मुताबिक, 27 नवंबर 2020 को 700 किलोग्राम का CARTOSAT-2F सैटेलाइट खतरनाक तरीके से Kanopus-V के नजदीक आ गया था। इस रॉकेट की गणना के अनुसार, रूस और भारत के सैटेलाइट के बीच न्यूनतम दूरी 224 मीटर है। रॉसकॉसमॉस का कहना है कि दोनों स्पेसक्राफ्ट को धरती की रिमोट सेंसिंग के लिए डिजाइन किया गया है।
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इसरो ने कहा- 420 मीटर है दूरी
हालांकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो के प्रमुख के. सिवन का कहना है कि हम चार दिन से इस सैटेलाइट की निगरानी कर रहे हैं और यह रूस की सैटेलाइट से 420 मीटर की दूरी पर है। जब इसकी दूरी 150 मीटर हो जाएगी तब इसके निपटने के लिए योजना बनाई जाएगी।
बातचीत कर ढूंढेंगे हल
ऐसे मामलों में सामान्य तौर पर दोनों देशों आपस में बातचीत करके इसका हल ढूढेंगे। सिवान ने कहा कि हाल ही में स्पेन के एक सैटेलाइट के साथ यह समस्या आई थी लेकिन इसे सुलझा लिया गया। ऐसी बातों को सामान्य तौर पर सार्वजनिक नहीं किया जाता है।