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Vande Bharat: 200 ट्रेनों को लेकर ये है रेलवे का प्लान, BJP समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने भी रखी ये मांग

Fri, 17 Mar 2023 02:09 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 17 Mar 2023 02:09 PM IST
सार

वंदे भारत ट्रेन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कई और राज्य इसकी मांग करने लगे हैं। पंजाब ने दिल्ली से अमृतसर और बठिंडा के लिए वंदे भारत ट्रेन की मांग की है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में जल्द ही वंदे भारत चलाने की घोषणा की जा सकती है...

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वंदे भारत ट्रेन - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

देश की पहली हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन इन दिनों यात्री बहुत पसंद कर रहे हैं। देश के 10 रूट पर ये ट्रेनें अपनी पूरी क्षमता के साथ चल रही हैं। लोगों में बढ़ते क्रेज को देखते हुए कई राज्य भी रेलवे मंत्रालय से इस ट्रेन को शुरू करने की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं सांसद भी इस ट्रेन को लेकर काफी रुचि ले रहे है। करीब 60 सांसदों ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों में इन ट्रेनों को शुरू करने के लिए रेलवे से अनुरोध किया है। इन सांसदों में 14 गैर-एनडीए दलों के हैं। इस बीच भारतीय रेलवे ने भी पूरे देश में वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ाने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। रेलवे अगले कुछ समय में 10-20 नहीं पूरे 200 ट्रेनें लेकर आने वाली है। रेलवे ने इसके लिए टेंडर भी निकाला है। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में इस बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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रेल मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में बताया कि रेलवे ने 200 वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण के लिए 30 नवंबर 2022 को एक टेंडर जारी किया था, जिसकी अनुमानित लागत 26,000 करोड़ रुपये है। ये वंदे भारत ट्रेनें इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई और मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री, लातूर में तैयार की जाएंगी। इस टेंडर की वैलिडिटी 28 मई, 2023 तक है। इस टेंडर में पांच बिडर्स ने बोली लगाई थी। इसमें ये लोग शामिल हैं।

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  • मेसर्स भेल कंसोर्टियम विथ मेसर्स टीटागढ़ वैगंस लिमिटेड, आनंदपुर, कोलकाता
  • मेसर्स बीईएमएल लिमिटेड- बेंगलुरु कंसोर्टियम विथ मेसर्स साइमंस लिमिटेड, मुंबई
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रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, कुल मिलाकर अभी तक 478 वंदे भारत ट्रेनों की अनुमति दी जा चुकी है। इसमें से 78 पर काम चल रहा है। ये सभी 78 वंदे भारत ट्रेनें चेयर मॉडल कार हैं। अगली 200 वंदे भारत ट्रेनों का टेंडर फाइनल कर दिया गया है। ये 200 ट्रेन स्लीपर क्लास की वंदे भारत ट्रेनें होंगी। इन सभी वंदे भारत ट्रेनों को 160 किमी की अधिकतम रफ्तार पर चलाया जा सकेगा। इनका निर्माण स्टेनलेस स्टील से होना है। इसके बाद 200 और वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण एल्यूमिनियम से होना है, जो वजन में हल्की होंगी. ये ट्रेनें 200 किमी की स्पीड से चलेंगी।

भाजपा सांसद और ये राज्य कर रहे ज्यादा डिमांड

सांसदों में सबसे ज्यादा डिमांड भाजपा सांसदों की ओर से आई हैं। कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी अपने अपने संसदीय क्षेत्रों में इसे शुरू करने के लिए रेल मंत्रालय से आग्रह किया है। इसके अलावा विपक्षी दलों में एनसीपी, डीएमके, सपा, आप और जदयू) के एक-एक सांसद ने अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वंदे भारत ट्रेन की मांग की है, जबकि कांग्रेस के आधा दर्जन सांसदों, सीपीआई (एम) और वाईएसआरसीपी के दो-दो सांसदों ने भी यही मांग की है। इसके अलावा अपना दल और शिवसेना के एक एक सांसद भी इन ट्रेनों की मांग कर चुके हैं।

वंदे भारत ट्रेन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कई और राज्य इसकी मांग करने लगे हैं। पंजाब ने दिल्ली से अमृतसर और बठिंडा के लिए वंदे भारत ट्रेन की मांग की है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में जल्द ही वंदे भारत चलाने की घोषणा की जा सकती है। हाल ही में राजस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने कहा था कि जयपुर में भी वंदे भारत आनी चाहिए। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अप्रैल और मई में यह शुरू हो जाएगी। अन्य राज्यों से यहां देरी होना का तकनीकी कारण है। बिहार में 2025 में होने वाले चुनावों को देखते हुए उसे वंदे भारत पहले मिलने की उम्मीद है। वाराणसी हावड़ा और हावड़ा पटना रूट पर ट्रेन का परिचालन शुरू किया जा सकता है

इसलिए वंदे भारत ट्रेन क्यों बनी पहली पसंद

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा प्रदान करती है। ट्रेन में ऑटोमैटिक प्लग डोर, टच-फ्री स्लाइडिंग डोर, एग्जीक्यूटिव क्लास में रिवाल्विंग सीट के अलावा सीसीटीवी जैसी कई सुरक्षा विशेषताएं हैं। ट्रेन को 160 किमी/घंटे की रफ्तार तक पहुंचने में महज 129 सेकेंड का समय लगता है। देश में ऐसी कुल दस ट्रेनें सेवा में हैं। जिनमें से चार एक ही राज्य (महाराष्ट्र) में संचालित होती हैं। दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत देश की पहली सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन थी, जिसे फरवरी 2019 में हरी झंडी दिखाई गई थी।

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