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तेजस के साथ अंत्योदय को भी 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाएगी रेलवे
नवनीत शरण/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 01 May 2016 01:30 AM IST
सार
- ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए रेल मंत्री ने मोबेलिटी डायरेक्टोरेट का गठन किया
- सिगनलिंग, रोलिंग स्टॉक व ट्रैक का इंटिग्रेशन करके ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जाएगी
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भारतीय रेल
- फोटो : PTI
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विस्तार
अब वह दिन दूर नहीं जब खास ही नहीं आम लोगों के लिए भी हाई स्पीड ट्रेनें चलेंगी। रेल मंत्रालय तेजस के साथ ही अंत्योदय एक्सप्रेस ट्रेन को भी 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाने की तैयारी में जुटा है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु का दावा है कि अगले छह महीने में दोनों ट्रेनें ट्रैक पर उतर जाएंगी। रेल बजट में तेजस व अंत्योदय ट्रेन चलाने की बात कही गई थी। अब इन दोनों ट्रेनों को ट्रैक पर उतारने की कवायद रेल मंत्रालय कर रहा है।
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तेजस काफी महंगी ट्रेन होगी तो अंत्योदय एक्सप्रेस अनारक्षित श्रेणी वाली ट्रेन होगी। जिसमें आम लोग सफर कर सकेंगे। दोनों ट्रेनों के कोच बनने शुरू भी हो गए हैं।
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केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु का मानना है कि दोनों तरह की ट्रेनें लोगों की स्पीड बढ़ाने में सहायक होगी। दोनों ट्रेन छह महीने के पहले लांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा है कि देश में चलने वाली सभी ट्रेनों की एवरेज स्पीड बढ़ाने के लिए भी काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए मोबेलिटी डायरेक्टोरेट का गठन किया गया है। एवरेज स्पीड बढ़ाने के लिए अलग से ट्रैक डालने के साथ ही रोलिंग स्टॉक (ट्रेन का कोच व इंजन) को ठीक किया जा रहा है। रोलिंग स्टॉक के लोगों से कहा गया है कि 100 या 150 किलोमीटर प्रतिघंटा तक चलने वाली नहीं बल्कि उससे भी ज्यादा स्पीड के रोलिंग स्टॉक की प्लानिंग करें।
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प्रभु का यह भी मानना है कि सिर्फ ट्रैक अच्छा बनाने से नहीं रोलिंग स्टॉक ठीक करने से ही ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी। स्पीड रेस्ट्रिक्शन्स को पूरी तरह रिव्यू किया जा रहा है। एक महीने के भीतर रेस्ट्रिक्शन्स स्पीड का रिव्यू रिपोर्ट जारी कर बताएंगे कि इसपर क्या एक्शन लिया गया। सिगनलिंग, रोलिंग स्टॉक व ट्रैक का इंटिग्रेशन करके ट्रेनों की स्पीड बढ़ाई जाएगी।