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अब किसी राज्य से श्रमिक स्पेशल ट्रेन की मांग नहीं, जरूरत हुई तो चलाएंगे : रेलवे

Mon, 29 Jun 2020 08:08 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 29 Jun 2020 08:08 PM IST
सार

भारतीय रेलवे ने कहा है कि अब किसी भी राज्य से श्रमिक स्पेशल ट्रेन की मांग नहीं है। रेलवे ने सोमवार को कहा कि फिलहाल किसी राज्य की ओर से ट्रेन की मांग नहीं है लेकिन अगर राज्य मांग करते हैं तो इन ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। एक प्रेस वार्ता में रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को किसी श्रमिक स्पेशल ट्रेन का संचालन नहीं हुआ और मंगलवार को भी कोई ट्रेन चलाने की योजना नहीं है। 

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Indian Railway says that there is no more demand of Shramik Special Trains from the states
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

प्रवक्ता ने कहा, केवल कर्नाटक की ओर से एक ट्रेन की मांग की गई थी जो आज (सोमवार को) बंगलूरू से मुजफ्फरपुर के लिए चलाई गई। मंगलवार को ऐसी किसी ट्रेन के संचालन की मांग नहीं है। हालांकि अगर राज्य मांग करते हैं तो हम इन ट्रेनों का संचालन करने के लिए तैयार हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि एक मई से अभी तक भारतीय रेलवे 4,596 श्रमिक स्पेशल ट्रनों का संचालन कर चुका है। 

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उन्होंने कहा कि जून की शुरुआत से ही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग में कमी आ रही है। 31 मई को रेलवे ने एक दिन में 69 ट्रनों का संचालन किया था जबकि इसके अगले दिन 100 से ज्यादा ट्रेनें चलाई गई थीं। बता दें कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनें मुख्यत: उन राज्यों के अनुरोध पर संचालित की जा रही हैं, जो कोरोनावायरस लॉकडाउन के कारण फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों को उनके मूल स्थान भेजना चाहते हैं।

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स्पेशल ट्रेनों से रोजाना हुई 20 से 22 करोड़ की आमदनी

प्रवक्ता ने यह भी कहा कि रेलवे ने एक जून से ट्रेनों का 100 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू किया था, जिससे उसे प्रतिदिन 20 से 22 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि 12 मई से राजधानी मार्गों पर चलने वाली 15 जोड़ी एसी ट्रेनों में 80 फीसदी सीट भरी रहीं। बता दें कि रेलवे एक जून से राजधानी मार्गों पर 100 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का और 15 जोड़ी एसी ट्रेनों का संचालन कर रहा है। 

वहीं, श्रमिक स्पेशल ट्रेन की मांग कम हुई लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल जैसे राज्यों से मुंबई, अहमदाबाद और बंगलूरू जैसे शहरों में जाने वाली ट्रेनों में व्यस्तता लगभग सौ फीसदी थी। अब तक चलाई गईं 4.596 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 81 फीसदी ट्रेन इन तीन राज्यों- बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल- के लिए संचालित हुईं। 

रद्द टिकट की पूरी कीमत वापस करेगा रेलवे

रेलवे की ओर से पांच राज्यों में तैयार किए कोविड केयर कोच की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मऊ में 20 जून से 59 मरीज भर्ती किए, जिनमें 56 को छुट्टी दी जा चुकी है। जबकि दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन पर बने कोविड केयर कोच में 32 मरीज भर्ती हुए थे, जिनमें नौ ठीक हो चुके हैं और उन्हें छुट्टी दी जा चुकी है। 

उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे ने यात्रियों द्वारा बुक किए गए उन टिकटों की पूरी कीमत वापस करने का फैसला किया है जो रद्द हो चुके हैं। बता दें कि देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेलवे ने हाल ही में 12 अगस्त तक सामान्य ट्रेनों के संचालन पर रोक लगा दी थी। हालांकि, रेलवे ने कहा था कि फिलहाल जो विशेष ट्रेन चल रही हैं, उनका संचालन होता रहेगा। 

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