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टिकट खरीदकर भी ट्रेन में सफर नहीं कर पाए सवा करोड़ यात्री, खत्म नहीं हुआ इंतजार
Sun, 01 Nov 2020 04:55 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Sun, 01 Nov 2020 04:55 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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देश में करीब सवा करोड़ यात्रियों को टिकट खरीदने के बावजूद ट्रेन में सफर करने का मौका नहीं मिल पाया। देश में ट्रेन की कमी की वजह से साल 2019-20 में बड़ी संख्या में यात्रियों की वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं हो पाई।
एक आरटीआई में यह खुलासा हुआ है। आरटीआई के मुताबिक 2019-20 में कुल 84,61,204 पीएनआर नंबर से जुड़े करीब सवा करोड़ यात्रियों की वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं हो पाई। रेल मंत्रालय ने वेटिंग लिस्ट की समस्या के समाधान के लिए निजी ट्रेन शुरू करने का फैसला भी किया है।
इसके अलावा रेलवे ने व्यस्त रूटों पर 'क्लोन ट्रेन' शुरू की हैं। ये ट्रेन सीमित स्टेशनों पर ही रुकती हैं। बीते पांच साल में करीब पांच करोड़ पीएनआर नंबर अपने ही आप ही रद्द हो गए क्योंकि वो कन्फर्म नहीं हो पाए। मध्य प्रदेश के सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र शेखर गौर की आरटीआई के जवाब में रेलवे ने यह जानकारी दी है। साल 2014-15 में 1,13,17,481 पीएनआर रद्द किए गए। जबकि 2015-2016 में यह आंकड़ा 81,05,022 रहा। इसी तरह 2016-2017 में 72,13,131, साल 2017-18 में 73,02,042 और 2018-2019 में 68,97,922 पीएनआर रद्द हुए।
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रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व सीईओ ने भी हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्वीकार किया था कि ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट को कम करने की काफी जरूरत है। साथ ही यह कहा था कि निजी ट्रेनों के आने से इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2019-20 में औसत वेटिंग लिस्ट में 8.9 फीसदी की कमी आई है। व्यस्त समय के दौरान करीब 13.3 फीसदी यात्रियों की टिकट कन्फर्म नहीं हो पाई है।
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एक आरटीआई में यह खुलासा हुआ है। आरटीआई के मुताबिक 2019-20 में कुल 84,61,204 पीएनआर नंबर से जुड़े करीब सवा करोड़ यात्रियों की वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं हो पाई। रेल मंत्रालय ने वेटिंग लिस्ट की समस्या के समाधान के लिए निजी ट्रेन शुरू करने का फैसला भी किया है।
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इसके अलावा रेलवे ने व्यस्त रूटों पर 'क्लोन ट्रेन' शुरू की हैं। ये ट्रेन सीमित स्टेशनों पर ही रुकती हैं। बीते पांच साल में करीब पांच करोड़ पीएनआर नंबर अपने ही आप ही रद्द हो गए क्योंकि वो कन्फर्म नहीं हो पाए। मध्य प्रदेश के सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र शेखर गौर की आरटीआई के जवाब में रेलवे ने यह जानकारी दी है। साल 2014-15 में 1,13,17,481 पीएनआर रद्द किए गए। जबकि 2015-2016 में यह आंकड़ा 81,05,022 रहा। इसी तरह 2016-2017 में 72,13,131, साल 2017-18 में 73,02,042 और 2018-2019 में 68,97,922 पीएनआर रद्द हुए।
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रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व सीईओ ने भी हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्वीकार किया था कि ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट को कम करने की काफी जरूरत है। साथ ही यह कहा था कि निजी ट्रेनों के आने से इस समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2019-20 में औसत वेटिंग लिस्ट में 8.9 फीसदी की कमी आई है। व्यस्त समय के दौरान करीब 13.3 फीसदी यात्रियों की टिकट कन्फर्म नहीं हो पाई है।