चीन और पाकिस्तान की सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत अपनी सैन्य ताकत में इजाफा कर रहा है। दुश्मनों को धूल चटाने के लिए जुलाई में वायुसेना में लड़ाकू विमान राफेल को शामिल किया गया। बुधवार को राफेल लड़ाकू विमान का दूसरा जत्था भारत आ गया है। यूं तो राफेल दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है, लेकिन इसकी ताकत में और इजाफा करते हुए इसे एक और घातक मिसाइल से लैस किया जा रहा है।
अपना 'राफेल' बनेगा दुश्मनों का काल, इस घातक मिसाइल से होगा लैस
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दरअसल, फ्रांस ने भारत को दिए गए राफेल लड़ाकू विमान को हैमर मिसाइल से लैस करने पर सहमति व्यक्त की है। इससे पहले राफेल को हवा और जमीन दोनों जगहों पर अपने टारगेट को तबाह करने के लिए घातक एमआईसीए, मीटीअर और स्कल्प मिसाइलों से लैस किया जा चुका है। हैमर मिसाइल से पहले राफेल में 300 किलोमीटर की रेंज वाली स्कल्प मिसाइल लगाई गई थी, जो इसे सबसे ज्यादा मारक बनाती है। वहीं, मीटीअर एयर-टू-एयर मिसाइल का निशाना अचूक है और एमआईसीए दुश्मनों के मंसूबों को तोड़कर रख देती है। आगे पढ़ें: बेहद खतरनाक है हैमर मिसाइल
बेहद खतरनाक है हैमर मिसाइल
हैमर यानि कि 'हाइली एजाइल एंड मैन रेबल म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज' जो हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल किट है। यह रॉकेट के जरिये चलती है। अब हैमर मिसाइल से लैस होने बाद राफेल की ताकत में और ज्यादा इजाफा हो जाएगा। रिपोर्ट्स की मानें तो हैमर काफी खतरनाक हथियार है, जिसे जीपीएस के बिना भी बहुत कम दूरी से 70 किलोमीटर की बहुत लंबी रेंज से लॉन्च किया जा सकता है।
सितंबर में हुआ था दोनों देशों के बीच अनुबंध
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सितंबर, 2020 में भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच हैमर मिसाइल को लेकर एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस महीने के अंत तक बड़ी संख्या में हथियारों को अंबाला में भारतीय वायुसेना स्टेशन के गोल्डन एरो स्क्वाड्रन को डिलीवर किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग के तहत हैमर को एक साल में भारतीय वायु सेना को डिलीवर किया जाना था, लेकिन फ्रांसीसी वायु सेना ने नई दिल्ली की तत्काल जरूरत को पूरा करने के लिए जल्द हैमर मिसाइल को भारत पहुंचाने का फैसला लिया है।
हैमर से एक साथ हिट होंगे कई टारगेट
हैमर मिसाइल का उपयोग कई टारगेट्स पर एक साथ हमले के लिए किया जा सकता है और इसके रख-रखाव की लागत भी कम है। डेटा लिंक क्षमता के साथ हैमर हथियार युद्ध जैसे वातावरण से अवगत है और टारगेट पर प्रहार करने के लिए पूरी तरह से फ्लेक्सिबल है।