कांग्रेस का आरोप: आठ नौसेना अधिकारियों बचाने के लिए कदम नहीं उठा रहे PM मोदी; अदाणी मसले पर दोहराई JPC की मांग
खरगे ने अपने ट्वीट में कहा, नौसेना के ये पूर्व अधिकारी अगस्त 2022 से एकांत कारावास में हैं और मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। लेकिन, विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत के साथ अब तक आरोपों को साझा नहीं किया गया है।
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भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अधिकारियों को कतर में मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने उनकी जान बचाने के लिए हस्तक्षेप न करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत और कतर इस साल अपने राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और कतर का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय भारतीय है।
खरगे ने अपने ट्वीट में कहा, नौसेना के ये पूर्व अधिकारी अगस्त 2022 से एकांत कारावास में हैं और मौत की सजा का सामना कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत के साथ अब तक आरोपों को साझा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, मोदी सरकार के सरेंडर ने भारत को 'विश्वगुरु' बनाने के उनके बड़े-बड़े दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने ट्वीट में कहा, नरेंद्र मोदी ने कतर के समकक्ष को फोन कर फीफा विश्व कप की शुभकामनाएं दीं, लेकिन हमारे बहादुरों के बहुमूल्य जीवन को बचाने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया। राष्ट्रवाद?
अदाणी मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जेपीसी जरूरी: कांग्रेस
अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी के बड़े भाई ने कथित तौर पर तीन कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दिया। इसको कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि अदाणी मुद्दे पर एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा जांच लोगों के सामने सच्चाई पेश करने के लिए जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट की एक्सपर्ट कमिटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रही पार्टी
पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस 'अदाणी महाघोटाले' पर सुप्रीम कोर्ट (एससी) द्वारा नियुक्त एक्सपर्ट कमिटी की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, लेकिन उनका कहना है कि इसका काम प्रतिभूति नियमों के उल्लंघन तक सीमित है और विभिन्न नियामकीय एवं जांच एजेंसियों पर उसके पास औपचारिक न्यायिक अधिकार का अभाव है।
रमेश का दावा- विनोद ने तीन कंपनियों के निदेशक पद से दिया इस्तीफा
रमेश ने एक बयान में कहा कि खबरों से पता चलता है कि गौतम अदाणी के बड़े भाई विनोद ने अदाणी समूह की ऑस्ट्रेलिया की बंदरगाह और खनन परियोजनाओं से नजदीक से जुड़ी तीन कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया, 'विनोद अदाणी पर पहले भी आरोप लगा था कि वह 'विदेशी मुखौटा कंपनियों' के जरिए 'स्टॉक में हेराफेरी' और 'लेखा धोखाधड़ी' में शामिल थे।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, 'इसी तरह उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और केमैन आइलैंड्स में मुखौटा कंपनियों के जरिए उनके द्वारा नियंत्रित एबॉट प्वाइंट पोर्ट होल्डिंग्स ने संबंधित पक्ष के लेनदेन के माध्यम से अदाणी समूह के अरबों डॉलर के ऋण को बेचने में मदद की, जिसका उद्देश्य निवेशकों से अदाणी समूह के नुकसान की वास्तविक सीमा को कम करना था।'