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कोरोना महामारी: ऑक्सीजन लाने को भारतीय नौसेना ने शुरू किया सेतु समुद्रम अभियान
Thu, 06 May 2021 03:28 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 06 May 2021 03:28 AM IST
सार
- नौ युद्धपोत विभिन्न देशों में भेजे गए
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : social media
विस्तार
देश में कोविड-19 (कोरोना वायरस) महामारी की दूसरी लहर के कारण मचे हाहाकार के बीच ऑक्सीजन की किल्लत दूर करने में भारतीय नौसेना भी जुट गई है। नौसेना ने फारस की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न देशों से तरल ऑक्सीजन व अन्य मेडिकल सप्लाई लाने के लिए ‘ऑपरेशन सेतु समुद्रम-2’ की शुरुआत कर दी है। इसके तहत नौ युद्धपोतों को इन देशों में भेजा गया है।
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नौसेना प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने बुधवार को बताया कि ये नौ युद्धपोत मुंबई, विशाखापत्तनम और कोच्चि में तीनों नेवी कमांड से भेजे गए हैं। ‘ऑपरेशन सेतु समुद्रम-2’ के तहत इन नौ युद्धपोत को भेजना भारत सरकार व भारतीय नौसेना के उन विभिन्न प्रयासों का हिस्सा है, जो देश में ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए किए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि इन नौ युद्धपोत में से आईएनएस तलवार बहरीन से 27 टन तरल ऑक्सीजन से भरे दो टैंक लेकर बुधवार को कर्नाटक के न्यू मंगलूरू बंदरगाह पर पहले ही लौट चुका है।
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इसी तरह आईएनएस कोलकाता कुवैत से 27 टन ऑक्सीजन से भरे दो टैंक, 400 ऑक्सीजन सिलिंडर और 47 ऑक्सीजन कंसनट्रेटर लेकर वापस लौटने के लिए चल चुका है। चार अन्य युद्धपोत कतर और कुवैत की राह में हैं, ये चारों युद्धपोत इन देशों से 27 टन ऑक्सीजन से भरे 9 टैंक और 1500 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर वापस लौटेंगे।
कमांडर मधवाल ने बताया कि ईस्टर्न सीबोर्ड पर आईएनएस ऐरावत सिंगापुर से 3600 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलिंडर और 27-27 टन ऑक्सीजन से भरे आठ टैंकर, 10 हजार रैपिड एंटीजन जांच किट और सात ऑक्सीजन कंसनट्रेटर लेकर बुधवार को ही वापसी के लिए निकला है।
उन्होंने बताया कि एक अन्य युद्धपोत आईएनएस जलाश्व भी इसी क्षेत्र में तैनात है और किसी भी छोटे नोटिस पर मिशन में शामिल हो जाएगा। आईएनएस शार्दुल भी तीन तरल ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक कंटेनर लाने के लिए कोच्चि स्थित दक्षिणी नेवी कमान से आईएनएस शार्दुल भी फारस की खाड़ी के लिए निकल चुका है।
पिछले साल भी निभाई थी अहम भूमिका
बता दें कि भारतीय नौसेना ने पिछले साल भी ऑपरेशन समुद्र सेतु चलाया था, जिसमें वंदे भारत अभियान के तहत मालदीव, श्रीलंका और ईरान में फंसे करीब 4000 भारतीयों को लॉकडाउन के दौरान देश में वापस लाया गया था। इस अभियान में भी आईएनएस जलाश्व और आईएनएस शार्दुल ने शिरकत की थी।