{"_id":"64ff2ca9fa15c481270a9ff6","slug":"indian-navy-engaged-in-revival-of-ancient-sea-stitched-ship-2023-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indian Navy: भारत की प्राचीन समुद्री परंपरा को जिंदा करने की तैयारी में नौसेना; बना रही ये खास जहाज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Indian Navy: भारत की प्राचीन समुद्री परंपरा को जिंदा करने की तैयारी में नौसेना; बना रही ये खास जहाज
Mon, 11 Sep 2023 08:35 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 11 Sep 2023 08:35 PM IST
सार
भारतीय नौसेना ने यह भी कहा कि यह पहल कई मंत्रालयों के सहयोगात्मक प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है। भारतीय नौसेना इस खास जहाज को डिजाइन और निर्माण की देख-रेख कर रही है। इसके अलावा, संस्कृति मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए वित्त जारी किया है।
विज्ञापन
जहाज के मॉडल का निरीक्षण करते पीएम मोदी और राजनाथ सिंह।
- फोटो : ट्वीटर
विस्तार
भारत सरकार के नेतृत्व में भारतीय नौसेना, संस्कृति मंत्रालय और गोवा स्थित होदी इनोवेशन एक खास पहल कर रहे हैं। इस पहल के तहत कई सहस्राब्दियों से चली आ रही भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा को दोबारा जिंदा किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्राचीन काल में व्यापारिक मार्गों पर चलाए जाने वाले जहाज की तर्ज पर एक शिप का निर्माण किया जाएगा। भारतीय नौसेना ने इस पहल के बारे में जानकारी दी है। नौसेना ने कहा है कि ये पहल उन जहाजों की याद दिलाता है जो कभी भारत के प्राचीन समुद्री व्यापार मार्गों पर महासागरों में यात्रा करते थे।
भारतीय नौसेना ने यह भी कहा कि यह पहल कई मंत्रालयों के सहयोगात्मक प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है। भारतीय नौसेना इस खास जहाज को डिजाइन और निर्माण की देख-रेख कर रही है। इसके अलावा, संस्कृति मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए वित्त जारी किया है। नौसेना ने यह भी कहा कि जहाजरानी मंत्रालय और विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए परियोजना का समर्थन करेंगे। साथ ही नौसेना इस जहाज को प्राचीन समुद्री व्यापार मार्गों पर चलाएगी।
नौसेना ने बताया कि इस खास जहाज का निर्माण पारंपरिक जहाज निर्माताओं की एक टीम करेगी। इस टीम का नेतृत्व बाबू शंकरन करेंगे। बाबू शंकरन ऐसे जहाजों का निर्माण करने में विशेषज्ञ हैं। इस सदियों पुरानी तकनीक का उपयोग करके, लकड़ी के तख्तों को पतवार के आकार के अनुरूप पारंपरिक स्टीमिंग विधि का उपयोग करके आकार दिया जाएगा। फिर प्रत्येक तख्ते को नारियल के रेशे, राल और मछली के तेल को एक साथ मिलाकर उससे सील किया जाएगा। फिर सभी तख्तों को डोरियों और रस्सी का उपयोग करके एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
नौसेना ने बताया कि एक बार जब जहाज तैयार हो जाएगा तो उसे प्राचीन नेविगेशन तकनीकों का उपयोग करके पारंपरिक समुद्री व्यापार मार्गों पर एक अनूठी यात्रा की जाएगी।
विज्ञापन
भारतीय नौसेना ने यह भी कहा कि यह पहल कई मंत्रालयों के सहयोगात्मक प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है। भारतीय नौसेना इस खास जहाज को डिजाइन और निर्माण की देख-रेख कर रही है। इसके अलावा, संस्कृति मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए वित्त जारी किया है। नौसेना ने यह भी कहा कि जहाजरानी मंत्रालय और विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए परियोजना का समर्थन करेंगे। साथ ही नौसेना इस जहाज को प्राचीन समुद्री व्यापार मार्गों पर चलाएगी।
विज्ञापन
नौसेना ने बताया कि इस खास जहाज का निर्माण पारंपरिक जहाज निर्माताओं की एक टीम करेगी। इस टीम का नेतृत्व बाबू शंकरन करेंगे। बाबू शंकरन ऐसे जहाजों का निर्माण करने में विशेषज्ञ हैं। इस सदियों पुरानी तकनीक का उपयोग करके, लकड़ी के तख्तों को पतवार के आकार के अनुरूप पारंपरिक स्टीमिंग विधि का उपयोग करके आकार दिया जाएगा। फिर प्रत्येक तख्ते को नारियल के रेशे, राल और मछली के तेल को एक साथ मिलाकर उससे सील किया जाएगा। फिर सभी तख्तों को डोरियों और रस्सी का उपयोग करके एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
नौसेना ने बताया कि एक बार जब जहाज तैयार हो जाएगा तो उसे प्राचीन नेविगेशन तकनीकों का उपयोग करके पारंपरिक समुद्री व्यापार मार्गों पर एक अनूठी यात्रा की जाएगी।