Lok Sabha: आईआईएम संशोधन विधेयक पेश, नर्सिंग काउंसिल-डेंटिस्ट एक्ट होंगे खत्म; कॉमन एंट्रेंस से दाखिले
लोकसभा में शिक्षा मंत्री ने भारतीय प्रबंध संस्थान अधिनियम, 2017 में संशोधन करने वाले भारतीय प्रबंध संस्थान संशोधन विधेयक पेश किया। विधेयक में मुंबई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (एनआईटीआईई) को आईआईएम के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव है।
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लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच राष्ट्रीय दंत आयोग विधेयक और राष्ट्रीय परिचर्या व प्रसूति आयोग विधेयक पारित किए गए। दोनों को राज्यसभा की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।
राज्यसभा से मंजूरी मिलने के बाद विधेयक राष्ट्रपति के हस्ताक्षर को भेजे जाएंगे। कानून के रूप में स्वीकृति मिलते ही इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) की जगह राष्ट्रीय परिचर्या व प्रसूती विद्या आयोग (एनएनएमसी) स्थापित किया जाएगा। डेंटिस्ट एक्ट (दंत चिकित्सक अधिनियम) को खत्म कर राष्ट्रीय दंत आयोग स्थापित होगा। एनएनएमसी के तहत चार स्वायत्त बोर्ड व राज्य आयोग स्थापित किए जाएंगे, जो नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा (कॉमन एंट्रेंस) कराएंगे। वहीं, दंत आयोग के तहत एक सलाहकार परिषद गठित की जाएगी, इसके अलावा राज्यों के स्तर पर भी परिषदों का गठन किया जाएगा। विधेयक पेश करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा, आयोग बनने के बाद दंत चिकित्सा किफायती होगी और इस क्षेत्र में पेशेवर गुणवत्ता बढ़ेगी।
मुंबई एनआईटीआईई को मिलेगा आईआईएम का दर्जा
लोकसभा में शिक्षा मंत्री ने भारतीय प्रबंध संस्थान अधिनियम, 2017 में संशोधन करने वाले भारतीय प्रबंध संस्थान संशोधन विधेयक पेश किया। विधेयक में मुंबई के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग (एनआईटीआईई) को आईआईएम के रूप में अपग्रेड करने का प्रस्ताव है। विधेयक को अगले हफ्ते दोनों सदनों की मंजूरी दिलाने की कोशिश है।
खनिजों कीे खोज के लिए अब निजी क्षेत्र को मिलेगा लाइसेंस
भारत में जल्द ही अब निजी क्षेत्र को 29 खनिजों की खोज के लिए लाइसेंस जारी हो सकेगा। खान और खनिज विकास विनियमन विधेयक पर लोकसभा की मुहर लग गई। विधेयक का लक्ष्य अगले दो सालों में कोयले के आयात पर पूर्ण रोक लगाने का है। चर्चा का जवाब देते हुए कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि विधेयक में खनन पट्टा, खनन लाइसेंस देने के लिए पर्याप्त पारदर्शिता बरते जाने का प्रावधान है।