कोरोना को हल्के में न लें भारतीय, अमेरिका जैसे विकसित देशों से सबक लेने की जरूरत: सरकार
गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कोरोना वायरस महामारी विदेश से लौटे लोगों के परिवार के सदस्यों में फैल रही है, लिहाजा वे सरकार के निर्देशों का पालन करें। लोगों को इस महामारी को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है क्योंकि संसाधन संपन्न होने के बावजूद अमेरिका व इटली जैसे विकसित देश भी इसको फैलने से रोकने में असफल रहे हैं।
रेड्डी ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा, अभी तक विदेश से लौटे ज्यादातर लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। अब ये बीमारी उनके परिवारवालों में फैल रही है। लिहाजा हमें सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
लोगों को बीमारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए और सामाजिक दूरी सहित अन्य प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। रेड्डी ने कहा, अब तक विभिन्न हवाई अड्डों पर 15.24 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें से 69,436 लोगों को घर में एकांतवास (क्वारंटीन) में रहने की सलाह दी गई है। इन लोगों की निगरानी की जा रही है।
रेड्डी ने कहा, अमेरिका और इटली जैसे विकसित देशों में तेजी से मामले बढ़े हैं। इटली में जहां 23 फरवरी तक 1000 मरीज मिले थे, जो बढ़कर 63,928 हो चुके हैं। इसी तरह अमेरिका में एक महीने में ही मामले 4000 से बढ़कर 41 हजार हो चुके हैं।
विकसित देशों की जनसंख्या कम है, वहां स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हैं, लेकिन वे भी इसे नहीं रोक पा रहे हैं। वहीं, भारत में दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा आबादी रहती है। लिहाजा हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।
कोरोना के खिलाफ लड़ाई विश्व युद्ध से बड़ी
रेड्डी ने कहा, विश्व युद्ध देशों के बीच लड़ा गया था, लेकिन यह इमरजेंसी (आपातकालीन) युद्ध है, जिसे सभी देशों को मिलकर लड़ना है। हम सब को मिलकर सुनिश्चित करना है कि हम इस वायरस को मिलकर हराएं। यह विश्व युद्ध से भी बड़ी लड़ाई है, जिसे हमें जीतना है।
कोरोना के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी से रहें सचेत
गृहमंत्रालय ने लोगों को कोरोना वायरस के नाम पर होने वाली ऑनलाइन धोखाधड़ी से सचेत रहने को कहा है। मंत्रालय ने सूचना जारी कर कहा है कि स्पाईमैक्स और कोरोना लाइव 1.1 जैसे पोर्टल पर डोनेशन और निजी जानकारियां मांगी जा रही है। यह सब कोरोना वायरस से लड़ने के नाम पर हो रही है।
कई मामलों में अपने उपकरण से पोर्टल एप्लिकेशन खोलने पर निजी जानकारी के ट्रांसफर होने का खतरा है। मंत्रालय ने आगाह किया है कि साइबर अपराधी कोरोना के नाम पर संवेदनशील मैजेस भेजकर मोटी रकम मांग रहे हैं। इसके लिए वाइसिंग का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
जिसमें रिकॉर्डेड या लाइव संदेश आते हैं। ऐसे एप्लिकेशन के इस्तेमाल से मोबाइल का डाटा ट्रांसफर होने का खतरा है। मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे अपराधियों की तुरंत शिकायत की जाए।