{"_id":"60e53ce78ebc3ec204519edb","slug":"indian-embassy-in-kabul-describes-reports-saying-india-closing-its-missions-in-afghanistan-is-incorrect","type":"story","status":"publish","title_hn":"खंडन: भारतीय उच्चायोग ने अफगानिस्तान में भारतीय मिशनों को बंद करने की खबरों को बताया ‘गलत’","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
खंडन: भारतीय उच्चायोग ने अफगानिस्तान में भारतीय मिशनों को बंद करने की खबरों को बताया ‘गलत’
Wed, 07 Jul 2021 11:04 AM IST
Tanuja Yadav
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 07 Jul 2021 11:04 AM IST
सार
अफगानिस्तान ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया कि हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए भारत अफगानिस्तान में अपने मिशनों को बंद कर रहा है।
विज्ञापन
भारतीय उच्चायोग (सांकेतिक तस्वीर)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अफगानिस्तान में भारतीय उच्चायोग ने मंगलवार को उन खबरों को ‘गलत’ बताया जिसमें कहा गया है कि हिंसा में वृद्धि को देखते हुए भारत यहां अपने मिशनों को बंद कर रहा है। उच्चायोग ने अपने ट्वीट में कहा कि वह उभरती सुरक्षा स्थिति खास तौर पर कंधार और मजार के आसपास के शहरों की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
विज्ञापन
इसमें कहा गया है, ‘‘अफगानिस्तान में भारत द्वारा उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास बंद करने संबंधी खबर गलत है । काबुल में भारतीय उच्चायोग, कंधार एवं मजार में वाणिज्य दूतावास खुला है और काम कर रह है।’’ उच्चायोग ने कहा, ‘‘हम हालांकि उभरती सुरक्षा स्थिति खास तौर पर कंधार और मजार के आसपास के शहरों की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।’’
विज्ञापन
गौरतलब है कि अफगानिस्तान के कई हिस्सों में हिंसा में बढ़ोतरी के मद्देनजर भारतीय दूतावास ने पिछले सप्ताह मंगलवार को एक परामर्श जारी करके देश में रह रहे और वहां काम कर रहे सभी भारतीयों को गैर जरूरी यात्राओं से बचने को कहा था।
विज्ञापन
परामर्श में दूतावास ने कहा था कि अफगानिस्तान में कई प्रांतों में सुरक्षा की स्थिति “खतरनाक” बनी हुई है और आतंकवादी गुटों ने हिंसक गतिविधियां बढ़ा दी हैं तथा आम नागरिकों को निशाना बनाकर हमले की घटनाएं हो रही हैं। दूतावास की ओर से कहा गया कि भारतीय नागरिकों को अगवा किए जाने का खतरा है।
अफगानिस्तान में पिछले कुछ सप्ताहों में हिंसा एवं हमलों की अनेक घटनाएं सामने आई है। ये घटनाएं ऐसे समय घटी हैं जब अमेरिका 11 सितंबर तक अफगानिस्तान से पूरी तरह से अपने सैनिकों को वापस बुलाना चाहता है जिससे इस युद्धग्रस्त देश में दो दशकों से जारी अमेरिकी सैन्य उपस्थिति समाप्त हो जाएगी।
भारत हिंसा की बढ़ती घटनाओं और तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में अपने प्रभाव को बढ़ाने के प्रयासों को लेकर काफी चिंतित है। अफगानिस्तान में शांति एवं स्थिरता में भारत महत्वपूर्ण पक्षकार है। भारत ने इस देश में विकास कार्यो में करीब तीन अरब डालर का निवेश किया है। भारत ने हमेशा अफगानिस्तान नीत, नियंत्रित एवं उसके स्वामित्व वाली शांति प्रक्रिया के समर्थन की बात कही है।