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म्यूनिख में कर्नाटक के दंपती पर हमला, पड़ोसी ने बहस के बाद किया चाकू से वार

Sun, 31 Mar 2019 09:23 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंगलूरू Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 31 Mar 2019 09:23 AM IST
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Indian couple stabbed in Munich, husband died, condition of wife is critical
सांकेतिक तस्वीर

कर्नाटक के उडुपी जिले के कुंदापुर के रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर और उनकी पत्नी पर जर्मनी के म्यूनिख के नजदीक शहर गुनियन में चाकू से हमला किया गया। इस हमले में इंजीनियर की मौत हो गई है जबकि उनकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। इस दंपती का नाम प्रशांत बसरूर (49) और स्मिता बसरूर (43) है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच से यह मामला हेट क्राइम (घृणित अपराध) का नहीं लग रहा है।

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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शनिवार को इस घटना की जानकारी दी थी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था, 'भारतीय जोड़े प्रशांत और स्मिता बसरूर को म्यूनिख के नजदीक एक आप्रवासी ने चाकू मार दिया। दुर्भाग्यवश प्रशांत की मौत हो गई है। वहीं स्मिता की हालत स्थिर है। हम प्रशांत के भाई को जर्मनी भेजने की कोशिश कर रहे हैं। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।' आरोपी दंपती का पड़ोसी है।
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उडुपी जिले के सिद्दापुर में रहने वाला स्मिता का परिवार इस घटना से सदमे में है। उनके भाई सुजय ने घटना की पुष्टि के लिए पुलिस से संपर्क किया। एक अधिकारी ने कहा, 'सुजय जर्मनी जा सकता है।' परिवार के सूत्रों के अनुसार दुबई में रहने वाला भाई अजय भी जर्मनी जाने के लिए वीजा का इंतजार कर रहा है। 
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शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार दंपती पर 33 साल के आदमी ने हमला किया है। वह उसी अपार्टमेंट में रहता है जिसमें बसरूर रहते हैं। दोनों के बीच पहले किसी बात को लेकर बहस हुई और जब यह नियंत्रण से बाहर हो गई तो उसने उनपर चाकू से हमला कर दिया। प्रशांत के शरीर और सिर पर काफी ज्यादा बार चाकू से हमला किया गया था। बहस के पीछे के कारण का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।


स्मिता की हालत गंभीर है। ऐसे में उनके दोनों बच्चों की देखभाल जर्मनी सरकार कर रही है। परिवार के एक सदस्य ने कहा, 'स्मिता और प्रशांत का परिवार समय से मिली मदद के लिए भारत सरकार का आभारी है।' 15 साल पहले जर्मनी जाने से पहले स्मिता और प्रशांत बंगलूरू और हैदराबाद में रहा करते थे। पिछले साल ही उन्हें जर्मनी की नागरिकता मिली थी।

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