इंडियन आर्मी को मिलेगा 'सेल्फ प्रोटेक्शन सूट', अमेरिकी जवानों ने इसे पहन दिखाया था शौर्य
भारतीय सेना को वही 'सेल्फ प्रोटेक्शन सूट' मिलेगा, जिसे पहनकर अमेरिका के जवानों ने इराक और अफगानिस्तान के लड़ाकों को परास्त किया था। इस सूट की खासियत यह होगी कि ये जवान को दुश्मन की गोलियों से तो बचाएगा ही, साथ ही वाहन या हवाई जहाज में लगी आग से भी उसे सुरक्षित रखेगा। इसका वजन काफी कम रहेगा। इसे सिविल कपड़ों के नीचे भी पहना जा सकता है।
इस सूट में सेरामिक लाइट मोड में होगा, मगर यह बहुत सख्त रहेगा। इसमें बोरोन कार्बाइड व सिलिकॉन कार्बाइड जैसे सख्त पदार्थों की मात्रा अधिक रहेगी। जवान के शरीर पर बेहद कम वजन की बेलेस्टिक प्लेट रहेगी।
लड़ाई या किसी विशेष सर्जिकल स्ट्राइक की रणनीति के तहत जवान इस सूट का कुछ हिस्सा उतार कर रख सकता है। अगले साल तक ये सूट भारतीय सेना को मिलने लगेंगे। इसके लिए अमेरिका के साथ भारत का तीन बिलियन डॉलर का सैन्य उपकरण समझौता हुआ है।
संसद में दिया था जवाब
बता दें कि इस समझौते के तहत भारतीय सेना को अमेरिका से हेलिकॉप्टर और सेल्फ प्रोटेक्शन सूट मिलेंगे। रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक ने संसद के पिछले सत्र में लोकसभा सांसद प्रवेश सिंह वर्मा और विजय कुमार हांसदा के सवाल का जवाब देते हुए इस संबंध में जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा था कि अमेरिका से हेलिकॉप्टर और सेल्फ प्रोटेक्शन सूट जैसे सैन्य उपकरण खरीदने के लिए 3 बिलियन डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके लिए एक संविधा, दो प्रस्ताव एवं स्वीकृति पत्र को अंतिम रूप दिया गया है। हेलिकॉप्टर मई 2021 में भारतीय सेना को मिल जाएंगे।
यह है सूट की खासियत
- अमेरिका से इंडियन आर्मी को जो सूट मिलेगा, वहां की सेना ने इराक और अफगानिस्तान में उसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया था। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी सेना को इन दोनों देशों में मौजूद सेना या लड़ाकों ने कड़ी टक्कर दी थी। नतीजा, अमेरिका को कई बार अपनी सामरिक रणनीति में बदलाव करना पड़ा।
- वहां लड़ाकों की रणनीति के मद्देनजर अमेरिका ने अपने सैनिकों के लिए बचाव उपकरण तैयार किए थे। इन्हीं में से एक सोल्जर प्रोटेक्शन सूट भी था। इसका वजन कम कर दिया गया है। जवान आमने सामने की लड़ाई में है या किसी गुरिल्ला ऑपरेशन में है, इसके लिए वह अलग अलग तरह से खुद को तैयार कर सकता है।
- उसे लगता है कि दुश्मन के पीछे लंबा दौड़ना पड़ सकता है तो वह सेल्फ प्रोटेक्शन सूट के कुछ हिस्से को उतार सकता है। सूट में सीने की तरफ लाइट वेट बैलेस्टिक प्लेट लगाई गई है। टोरसो व एक्सट्रीमिटी प्रोटेक्शन शर्ट जवान को सुरक्षा देने के साथ साथ आराम भी प्रदान करती है।
सिर से लेकर घुटनों तक पूरा बचाव
- इंटीग्रेटेड हेड प्रोटेक्शन सिस्टम के तहत जो हेलमेट बनाया जाएगा, वह लोवर फेस को भी कवर करता है। आंखों के लिए ट्रांजिशन काम्बेट आई प्रोटेक्शन व बैलेस्टिक प्रोटेक्टिव आईवियर सिस्टम रहेगा। ये वजन में बिल्कुल हल्का है और दिन रात या बरसात में जवान को सामने का टारगेट हासिल करने में बड़ी मदद करता है।
- इम्प्रूव्ड आउटर टेक्टिकल वेस्ट को सिविल कपड़ों के नीचे भी पहना जा सकता है। यह जवान को आग या किसी दूसरे हानिकारक केमिकल से बचाती है। 'सेल्फ प्रोटेक्शन सूट' जवान के सिर से लेकर घुटनों तक पूरा बचाव करता है।