Indian Army: लद्दाख में सैन्य ऑपरेशन के लिए नए 4x4 स्वदेशी बख्तरबंद वाहन सौंपे, निजी कंपनी ने तैयार किए
लद्दाख सेक्टर में त्वरित सैन्य ऑपरेशन में यह वाहन सक्षम होंगे। इन 4x4 सैन्य वाहनों को क्विक रिएक्शन फोर्स में शामिल किया गया है। इन वाहनों को भारत में निजी क्षेत्र की फर्मों ने बनाया है।
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चीन से सटे लद्दाख के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय सेना की ताकत और बढ़ गई है। लद्दाख सेक्टर में सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स को स्वदेश में निर्मित तेज गति से चलने वाले बख्तरबंद वाहन मुहैया कराए गए हैं।
लद्दाख सेक्टर में त्वरित सैन्य ऑपरेशन में यह वाहन सक्षम होंगे। इन 4x4 बख्तरबंद वाहनों को त्वरित प्रतिक्रिया बल (क्विक रिएक्शन फोर्स-QRF) में शामिल किया गया है। इन वाहनों को भारत में निजी क्षेत्र की फर्मों ने बनाया है।
Indian Army’s Fire and Fury Corps has inducted indigenous high mobility troop carrier, 4x4 Quick Reaction Force Vehicles for operations in the Ladakh sector. The vehicles have been made in India by private sector firms: Indian Army officials pic.twitter.com/4O7DLQOqRb
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— ANI (@ANI) October 14, 2022
4x4 बख्तरबंद वाहनों की पहली खेप जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के लिए तैयार की गई है। ये वाहन कठिन और चुनौतीपूर्ण इलाकों में सैन्य क्षमताओं में इजाफा करेंगे। इन वाहनों की जम्मू कश्मीर के लिए पहली खेप औपचारिक रूप से उधमपुर स्थित कमान मुख्यालय में भारत फोर्ज लिमिटेड के अधिकारियों से जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) उत्तरी कमान, लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्राप्त की थी। उत्तरी कमान ने त्वरित प्रतिक्रिया बल (QRF) के लिए इन वाहनों को तैनात किया। क्यूआरएफ सेना की खास इकाई है। यह आपात स्थितियों में तेजी से सैन्य कार्रवाई करने में सक्षम है।
बता दें, पूर्वी लद्दाख में बीते दो सालों से चीन व भारत के बीच सैन्य गतिरोध कायम है। कुछ इलाकों से दोनों देशों की सेना हटा ली गई है, लेकिन कई क्षेत्रों को लेकर अब भी विवाद कायम है। लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों की सेना के बीच जून 2020 में हिंसक झड़प हुई थी।