Indian Army: पूर्वी सेना कमांडर ने सेना की बाइक रैली को दिखाई झंडी, आठ राज्य को पार कर पहुंचेंगे कारगिल
Indian Army: पूर्वी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने रविवार को यहां असम राइफल्स गैरीसन में कोहिमा से कारगिल तक दूसरी नागा रेजिमेंट की 'कारगिल विजय राइड ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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पूर्वी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने रविवार को यहां असम राइफल्स गैरीसन में कोहिमा से कारगिल तक दूसरी नागा रेजिमेंट की 'कारगिल विजय राइड ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर पूर्वी सेना कमान के जीओसी-इन-सी ने लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने कहा, यह ऑपरेशन विजय के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कोहिमा से कारगिल तक के पहले मोटरसाइकिल अभियानों में से एक है, जिसमें बहादुर नागा योद्धाओं ने हमारे उत्तरी क्षेत्र की मिट्टी को समृद्ध किया। अपनी मातृभूमि की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अपने खून से सीमाओं को सींचा है।
उन्होंने कहा, कारगिल युद्ध में दूसरी नागा रेजिमेंट ने साहस और बहादुरी का परिचय दिया था। कारगिल विजय में उनकी बड़ा योगदान है। यह बहादुर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान और बहादुरी का जश्न मनाने के लिए एक महान श्रद्धांजलि है। लेफ्टिनेंट जनरल कलिता ने कहा कि राइडर कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर कारगिल पहुंचेंगे।
इस अभियान में लेफ्टिनेंट कर्नल सैनी के नेतृत्व में 25 बहादुर मश्कोह (2 नागा रेजिमेंट) योद्धा बाइक पर सवार हैं, जो आठ राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों से होकर कोहिमा से कारगिल तक 3,700 किमी से अधिक की दूरी तय करेंगे। टीम ने पूरे रास्ते में कारगिल युद्ध के शहीद नायकों के गांवों से मिट्टी इकट्ठा करने और उन्हें द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि के रूप में ले जाएंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल कलिता, जो कर्नल कुमाऊं, नागा रेजिमेंट और कुमाऊं स्काउट्स भी हैं ने कहा, कारगिल के रास्ते में, टीम समाज के सभी वर्गों के साथ बातचीत करेगी। राष्ट्र निर्माण में भारतीय सेना की भूमिका पर प्रकाश डालेगी। युवाओं को प्रेरित करेगी और पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की शिकायतों का समाधान करेगी।