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युद्ध अभ्यास: चीन के करीब असम के जंगलों में भारतीय सशस्त्र बलों ने दिखाई ताकत, सीमा पर गरजेंगे सुखोई
Tue, 20 May 2025 10:40 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिब्रूगढ़/उत्तरी लखीमपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिब्रूगढ़/उत्तरी लखीमपुर।
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 20 May 2025 10:40 PM IST
सार
भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार को असम के लखीमपुर जिले के दुलुंग रिजर्व वन में बहुआयामी युद्ध अभ्यास शुरू किया। असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास जंगल की दुलुंग मुख रेंज को 20 मई से 31 अगस्त तक भारतीय सेना के बमबारी, रॉकेट लॉन्चिंग और शूटिंग अभ्यास के लिए सक्रिय किया गया है।
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युद्धाभ्यास (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार को असम के लखीमपुर जिले के दुलुंग रिजर्व वन में बहुआयामी युद्ध अभ्यास शुरू किया। अगस्त तक चलने वाले इस युद्ध अभ्यास में सेना ने बमबारी की और रॉकेट दागे। जल्द ही भारतीय वायुसेना के विमान भी सीमा पर गरजेंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास जंगल की दुलुंग मुख रेंज को 20 मई से 31 अगस्त तक भारतीय सेना की बमबारी, रॉकेट लॉन्चिंग और शूटिंग अभ्यास के लिए सक्रिय किया गया है। उन्होंने कहा कि अभ्यास में विभिन्न विस्फोटक कौशल और हवाई मारक क्षमता का परीक्षण शामिल होगा।
अधिकारी ने कहा, यह डुलुंग में पूर्ण स्पेक्ट्रम रॉकेट और हवाई बमबारी अभ्यास का पहला उदाहरण है। चीन के निकट इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधि का विस्तार रणनीतिक रूप से संवेदनशील पूर्वोत्तर सीमांत क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा स्थिति का संकेत है। जिला प्रशासन और वन विभाग ने इस अवधि के दौरान लोगों के जंगल में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
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ये भी पढ़ें: Indian Army: 'स्वर्ण मंदिर में तैनात नहीं की गई थी एयर डिफेंस गन', भारतीय सेना ने दी जानकारी
जिला अधिकारी ने कहा, हमने स्थानीय लोगों को किसी भी अप्रिय घटना से बचने और जान-माल को नुकसान या चोट से बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। दुलुंग मुख भारतीय वायु सेना के हवाई अभ्यास के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला क्षेत्र है, जो असम के पड़ोसी सोनितपुर जिले के तेजपुर एयर बेस से शुरू होता है।
सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान भी दिखाएंगे दम
युद्ध अभ्यास के दौरान सुखोई-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों का दम भी दिखेगा। वायु सेना के लड़ाकू विमान अभयास के दौरान भारतीय वायु सेना बेस से यहां आते हैं और अपने नियमित अभ्यास के बाद वापस लौटते हैं।
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एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास जंगल की दुलुंग मुख रेंज को 20 मई से 31 अगस्त तक भारतीय सेना की बमबारी, रॉकेट लॉन्चिंग और शूटिंग अभ्यास के लिए सक्रिय किया गया है। उन्होंने कहा कि अभ्यास में विभिन्न विस्फोटक कौशल और हवाई मारक क्षमता का परीक्षण शामिल होगा।
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अधिकारी ने कहा, यह डुलुंग में पूर्ण स्पेक्ट्रम रॉकेट और हवाई बमबारी अभ्यास का पहला उदाहरण है। चीन के निकट इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधि का विस्तार रणनीतिक रूप से संवेदनशील पूर्वोत्तर सीमांत क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा स्थिति का संकेत है। जिला प्रशासन और वन विभाग ने इस अवधि के दौरान लोगों के जंगल में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
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जिला अधिकारी ने कहा, हमने स्थानीय लोगों को किसी भी अप्रिय घटना से बचने और जान-माल को नुकसान या चोट से बचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। दुलुंग मुख भारतीय वायु सेना के हवाई अभ्यास के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला क्षेत्र है, जो असम के पड़ोसी सोनितपुर जिले के तेजपुर एयर बेस से शुरू होता है।
सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान भी दिखाएंगे दम
युद्ध अभ्यास के दौरान सुखोई-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों का दम भी दिखेगा। वायु सेना के लड़ाकू विमान अभयास के दौरान भारतीय वायु सेना बेस से यहां आते हैं और अपने नियमित अभ्यास के बाद वापस लौटते हैं।