फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian Air Force used computer memories of precision guided bombs in air strike

सैटेलाइट तस्वीरों और सटीक जानकारी की मदद से वायुसेना ने जैश के ठिकानों को किया ध्वस्त

Sun, 03 Mar 2019 09:07 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 03 Mar 2019 09:07 AM IST
विज्ञापन
Indian Air Force used computer memories of precision guided bombs in air strike
मिराज-2000 लड़ाकू विमान

पुलवामा में हुए आतंकी हमले का जबाव देने के लिए भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और वहां मौजूद आतंकियों को मार गिराया था। इस हमले के लिए वायुसेना ने 26 फरवरी को ग्वालियर में अपने मिराज-2000 विमानों को स्पाइस-2000 गाइडेड बमों की कंप्यूटर मेमोरी को उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों और सटीक भौगोलिक जानकारी से भर दिया था। इस प्रक्रिया का मकसद आतंकी ठिकानों पर सटीक निशाना लगाना था। 

विज्ञापन


इसलिए जब मिराज 2000 लड़ाकू विमानों की स्क्रीन पर हथियारों को लांच करने का सिग्नल मिला तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के दो से दस किलोमीटर अदंर से इसे दागने पर इस बात की आशंका बेहद कम थी कि एक हजार किलो का यह बम अपने लक्ष्य से कहीं भटक न जाए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार रक्षा के एक शीर्ष सूत्र ने शनिवार को कहा, 'अपनी नेविगेशन/सीकर प्रणाली की मदद से दागो और भूल जाओ स्पाइस-2000 बम 50 से 60 किमी की दूरी से जैश के चार से छह लक्ष्यों तक पहुंच गए। इसमें चूक होने की संभावना 3 मीटर से भी कम होती है।'
विज्ञापन


हाई रिजोल्यूशन वाले सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) और सुखोई-30 एमकेआई द्वारा पहले और बाद की ली हुई तस्वीरों से पता चला कि बम ने आतंकी ठिकानों को सटीक ढंग से ध्वस्त करने में कामयाबी हासिल की। हालांकि जमीन पर कितने लोग मारे गए इसका आंकलन कर पाना असंभव है। सूत्रों ने कहा कि 'डिजिटल सीन मैचिंग एरिया कोरिलेटर्स' से लैस स्पाइस-2000 बम पहले से लक्षित आतंकी ठिकानों की छत को तोड़ते हुए उसके अंदर पहुंचे। जिसने वहां मौजूद सभी आतंकियों को मार गिराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सबसे दिलचस्प बात यह रही कि वायुसेना ने पाकिस्तानी वायुसेना को झांसा देने के लिए कुछ विमानों को जेईएम के बहावलपुर स्थित मुख्यालय की ओर उड़ान भरी। जिससे लगे कि वहां पर हमला होने वाला है। इसका नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तानी विमान हमले के समय बालाकोट से लगभग 150 किलोमीटर दूरी पर हवाई पेट्रोलिंग कर रहे थे। इस तरह से भारतीय वायुसेना के विमानों ने पीओके के साथ ही पाकिस्तान के अंदर घुसकर 26 फरवरी के तड़के हवाई हमला किया। इसके लिए ग्वालियर में मिराज-2000, सुखोई-30 एमकेआई, आईएल-78 की भी तैनाती की गई थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed