वायु सेना के बालाकोट हमले में मारे गए यूसुफ अजहर का कंधार कनेक्शन, 20 साल से थी तलाश
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पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना ने जिन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है, खबरों के मुताबिक उन्हें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर चला रहा था। सेना के हमले में यूसुफ अजहर के मारे जाने की बात भी सामने आई है। ये भारत के लिए बड़ी कामयाबी है।
20 साल पहले का कंधार कनेक्शन
साल 1999 के दिसंबर में इंडियन एयरलाइंस की उड़ान आईसी-814 का अपहरण कर लिया गया था। वो यूसुफ ही था जिसने मसूद अजहर के भाई इब्राहिम अजहर के साथ इस वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने अपने कुछ और साथियों के साथ काठमांडू एयरपोर्ट से विमान को हाईजैक किया था। जिसे बाद में अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया। विमान में कुल 176 यात्री सवार थे। इन्हीं यात्रियों की जान के बदले आतंकी मसूद अजहर को छुड़वाने में कामयाब रहे।
यूसुफ अजहर को मोहम्मद सलीम उर्फ उस्ताद गौरी के नाम से भी जाना जाता है। भारत करीब दो दशक से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूसुफ अजहर को घेरने की कोशिश कर रहा है। उसके खिलाफ बाकयदा इंटरपोल का नोटिस भी निकला है।
इंटरपोल नोटिस के मुताबिक यूसुफ अजहर कराची में पैदा हुआ था और उर्दू, हिंदी और पाकिस्तानी भाषाएं बोलता है। 2002 में भारत ने पाकिस्तान को 20 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की सूची सौंपी थी लेकिन उस पर पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई नहीं की।