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लड़ाकू विमान की महिला पायलटों को चार साल तक मां नहीं बनने की सलाह
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Sat, 12 Mar 2016 08:31 AM IST
सार
- भारतीय वायुसेना ने दी सलाह
- कानूनी रूप से बाध्य नहीं है महिलाएं
- 18 जून को फाइटर स्ट्रीम में तैनात हो जाएंगी महिलाएं
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- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय वायु सेना ने देश की पहली तीन महिला लड़ाकू विमान पायलटों को अगले चार साल तक मां नहीं बनने की सलाह दी है। हालांकि वायु सेना ने स्पष्ट किया है कि यह सलाह कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। यह केवल इसलिए है ताकि महिला पायलटों के प्रशिक्षण पर विपरीत असर न पड़े।
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भावना कंठ, मोहाना सिंह और अवनि चतुर्वेदी प्राथमिक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इस साल 18 जून को फाइटर स्ट्रीम में तैनात हो जाएंगी। इसके बाद उन्हें एक साल की एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी। महिला पायलटों को जून 2017 तक लड़ाकू विमान के कॉकपिट में जाने का मौका मिलेगा।
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ऐसे में वायु सेना ने इन महिला पायलटों से कहा है कि वे अगले चार सालों तक मां बनने के बारे में न सोचें।
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1991 में पहली बार महिलाएं बनी थीं पायलट
वायु सेना सूत्रों के अनुसार लड़ाकू विमान के पायलटों को युद्ध में जाने के लिए तैयार होने को कम से कम पांच साल की लगातार ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। तीनों महिला पायलट करीब एक साल का प्रशिक्षण पूरा करने वाली हैं। अब प्रेग्नेंसी का मतलब होगा ट्रेनिंग शिड्यूल का बिगड़ जाना। इससे धन के साथ समय पर भी असर पड़ेगा। सूत्रों ने बताया कि लड़ाकू विमान के युवा पायलटों को भी एक निश्चित उम्र तक शादी नहीं करने की सलाह दी जाती है।
महिला लड़ाकू पायलटों का पहला बैच 18 जून को भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा। एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने मंगलवार को कहा था कि तीन महिला प्रशिक्षु अधिकारियों ने लड़ाकू भूमिका में शामिल किए जाने की इच्छा व्यक्त की है। राहा ने कहा कि हमने 1991 में महिलाओं को पायलटों के रूप में शामिल किया था, लेकिन यह केवल हेलीकॉप्टर और परिवहन (विमानों) के लिए किया गया था।
महिला लड़ाकू पायलटों का पहला बैच 18 जून को भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा। एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने मंगलवार को कहा था कि तीन महिला प्रशिक्षु अधिकारियों ने लड़ाकू भूमिका में शामिल किए जाने की इच्छा व्यक्त की है। राहा ने कहा कि हमने 1991 में महिलाओं को पायलटों के रूप में शामिल किया था, लेकिन यह केवल हेलीकॉप्टर और परिवहन (विमानों) के लिए किया गया था।
मैं महिलाओं को फाइटर पायलटों के रूप में शामिल करने के भारतीय वायुसेना के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए रक्षा मंत्रालय का धन्यवाद करना चाहूंगा। रक्षा मंत्री परिकर ने भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलटों के रूप में महिलाओं को शामिल करने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर जोर देने के लिए राहा की तारीफ की है।