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अब पानी के अंदर से मार करने वाली परमाणु मिसाइल का परीक्षण करेगा भारत

Wed, 06 Nov 2019 03:20 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 06 Nov 2019 03:20 PM IST
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India will test fire 3,500 km range K 4 nuclear missile to strengthen its capabilities
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI

पनडुब्बियों से दुश्मन के ठिकानों को मार गिराने की अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए भारत शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के तट से पानी के नीचे से 3,500 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली के-4 परमाणु मिसाइल का परीक्षण करने की योजना बना रहा है।

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इस मिसाइल प्रणाली को डीआरडीओ ने अरिहंत श्रेणी की परमाणु पनडुब्बियों के लिए विकसित किया जा रहा है जिसे कि भारत द्वारा बनाया जा रहा है। यह पनडुब्बियां  भारत के परमाणु परीक्षण का मुख्य आधार होंगी। 
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सरकारी सूत्रों का कहना है, 'योजना के अनुसार डीआरडीओ शुक्रवार को विशाखापट्टनम तट से पानी के नीचे से के-4 परमाणु मिसाइल का परीक्षण करेगा। ट्रायल के दौरान डीआरडीओ मिसाइल प्रणाली में उन्नत प्रणालियों का परीक्षण करेगा।'
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के-4 पानी के अंदर चलाई जाने वाली ऐसी दो मिसाइले हैं जिन्हें कि विकसित किया जा रहा है। दूसरी मिसाइल का नाम बीओ-5 है जिसकी मारक क्षमता लगभग 700 किलोमीटर है। यह फिलहाल साफ नहीं है कि डीआरडीओ मिसाइल का परीक्षण छोटी या लंबी दूरी पर करेगा। 

हालांकि भारत द्वारा लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण के लिए समुद्री चेतावनी और नोटम (नोटिस टू एयरमैन) पहले ही जारी की जा चुकी हैं। के-4 मिसाइल परीक्षण की योजना पिछले महीने बनाई गई था लेकिन इसे फिर स्थगित कर दिया गया। आने वाले हफ्तों में डीआरडीओ की योजना है कि वह अग्नि-3 और ब्रह्मोस मिसाइलों का परीक्षण करे।

सरकारी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि के-प का परीक्षण पानी के अंदर नाव के पुल पर किया जाएगा क्योंकि यह परीक्षण स्तर पर है। एक बार यह तैनाती के लिए तैयार हो जाए तो पनडुब्बी से इसे लॉन्च किया जाएगा।

भारत में अगले 20 साल के दौरान 2,400 विमानों की जरूरत होगी

भारत में हवाई यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बढ़ते यात्रियों की मांगों को पूरा करने के लिए अगले 20 साल के दौरान 2,400 विमानों की जरूरत होगी। इनमें से 85-90 फीसदी विमान छोटे होंगे। जबकि 13 से 15 फीसदी बड़े विमान होंगे। यह कहना है बोइंग के कॉमर्शियल मार्केटिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट डेरेन हुल्स्ट का।

अभी भारतीय एयरलाइनों के बेड़े में करीब 600 विमान हैं। उन्होंने बताया कि साल 2013 से 2018 के दौरान भारत में हर सप्ताह उड़ने वाली फ्लाइट संख्या 2,022 से बढ़कर 4,501 पर पहुंच गई है। इसके साथ ही हवाईअड्डों की संख्या भी 96 से बढ़कर 111 हो गई है जो कि साफ दर्शाता है कि भारत में उड्डयन क्षेत्र में विकास को दर्शाता है।  

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