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चीन और बांग्लादेश के साथ परंपरागत चिकित्सा साझा करेगा भारत, बांग्लादेश में बनेगी आयुष लैब

Tue, 17 Sep 2019 02:40 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 17 Sep 2019 02:40 AM IST
सार

  • बांग्लादेश में बनेगी आयुष लैब, चीन ने भारत से मिलाया हाथ
  • पिछले महीने दोनों देशों ने भारत के साथ आयुष चिकित्सा के लिए किया था करार
  • बांग्लादेश में जल्द स्थापित होगी औषधि जांच प्रयोगशाला
  • अगले तीन महीने में चार हजार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलेगा आयुष मंत्रालय

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India will share traditional Treatment with China and Bangladesh
Ministry of Ayush - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

चीन और बांग्लादेश के साथ मिलकर भारत आने वाले दिनों में परंपरागत चिकित्सा पर अत्याधुनिक शोध करेगा। इसके तहत बांग्लादेश में एक उच्च स्तरीय प्रयोगशाला स्थापित करने में भारत का केंद्रीय आयुष मंत्रालय मदद करेगा। इस प्रयोगशाला में परंपरागत चिकित्सा के क्षेत्र में नई दवाओं और दुर्लभ रोगों को लेकर शोध किए जाएंगे। वहीं चीन की परंपरागत चिकित्सा को मिश्रित करते हुए जल्द ही आयुष-चीनी परंपरागत चिकित्सा नया स्वरूप देखने को मिल सकेगा।

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आयुष मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 21 अगस्त को बांग्लादेश से आए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंचा था। बांग्लादेश अपने यहां वैकल्पिक चिकित्सा पर औषधि जांच प्रयोगशाला की स्थापना में भारत का सहयोग चाहता है। ठीक इसी तरह बीते 12 अगस्त को चीन के बीजिंग में भारत सरकार और चीन के ट्रेडिशनल मेडिसिन एडमिनिस्ट्रेशन के बीच एमओयू साइन हुआ है। पीएमओ को भेजी अपनी मासिक रिपोर्ट में आयुष मंत्रालय ने इन दोनों एमओयू को बड़ी उपलब्धि के रूप में बताया है। उन्होंने बताया कि मलेशिया भी जल्द ही अपने यहां भारत सरकार के सहयोग से वैकल्पिक चिकित्सा सुविधा शुरू करने जा रहा है।

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तीन माह में चार हजार केंद्र होंगे स्थापित

केंद्रीय आयुष मंत्रालय अगले तीन माह के दौरान देश में करीब चार हजार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू कर सकती है। इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के अलावा बीजीआर-34, नीरी केएफ्टी और ल्यूकोस्किन जैसी वे तमाम दवाएं भी रहेंगी, जिन्हें डीआरडीओ और सीएसआईआर के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद येसो नाईक के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके मंत्रालय को साढ़े 12 हजार ऐसे केंद्रों की स्थापना करने का लक्ष्य दिया है। इनमें से चार हजार सेंटरों की शुरुआत इसी वर्ष के अंत तक हो जाएगी।

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दिल्ली में स्थापित होगा राष्ट्रीय फॉर्माकोविजिलेंस सेंटर

आयुष मंत्रालय के अनुसार जल्द ही देश में राष्ट्रीय फॉर्माकोविजिलेंस सेंटर की स्थापना की जाएगी। दिल्ली के सरिता विहार स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में ये सेंटर करीब 1.18 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किया जाएगा। इस सेंटर के बनने के बाद आयुष औषधियों के निर्माण से लेकर इसके दुष्प्रभाव इत्यादि पर सरकार निगरानी रख सकेगी। इस सेंटर को आने वाले दिनों में सभी राज्यों के फॉर्माकोविजिलेंस सेंटर से जोड़ा भी जाएगा।

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