फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India will insist on big changes to deal with climate issues in Cop-28

Cop-28: जलवायु मुद्दों से निपटने के लिए बड़े बदलाव पर जोर देगा भारत, सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी

Mon, 27 Nov 2023 06:33 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 27 Nov 2023 06:33 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) में भारत के प्रमुख डॉ. आशीष चतुर्वेदी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सरकारों से इस मुहिम में लोगों को भी शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

विज्ञापन
India will insist on big changes to deal with climate issues in Cop-28
पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुबई में होने वाले आगामी कॉप-28 सम्मेलन से पहले संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने कहा कि भारत जलवायु संबंधी मुद्दों से निपटने के लिए वैश्विक रणनीति में बड़े बदलाव पर जोर देगा। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) में भारत के प्रमुख डॉ. आशीष चतुर्वेदी ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सरकारों से इस मुहिम में लोगों को भी शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। चतुवेर्दी ने कहा कि जी-20 की तरह कॉप-28 में भी जलवायु, स्वास्थ्य और लिंग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाए जाने की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, जिसे आमतौर पर कॉप-28 के रूप में जाना जाता है, 30 नवंबर 2023 को शुरू होगा।
विज्ञापन


चतुर्वेदी ने कहा, कॉप-28 में भारत के लिए 2030 तक महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने का एक मंच होगा। भारत अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को तीन गुना करने की राह पर है, जिसे विश्व स्तर पर मान्यता देने की जरूरत है। एजेंसी
विज्ञापन


ग्लोबल स्टॉकटेक प्रमुख एजेंडों में से एक
चतुर्वेदी ने कहा, ग्लोबल स्टॉकटेक कॉप-28 में प्रमुख एजेंडा आइटमों में से एक होगा, जो इसके पहले दो साल के चक्र के समापन का प्रतीक होगा। ग्लोबल स्टॉकटेक देशों और अन्य हितधारकों को यह देखने में सक्षम बनाता है कि वे पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में सामूहिक रूप से कहां प्रगति कर रहे हैं। कॉप-28 ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी तक कुल 27 बैठकें हो चुकीं
 कॉप (सीओपी) का मतलब पार्टियों का सम्मेलन है। यह एक वार्षिक बैठक है, जहां संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश जलवायु परिवर्तन से निपटने में कारगर उपाय का आकलन करने और यूएनएफसीसीसी के दिशानिर्देश के तहत जलवायु कार्रवाई की योजना बनाने के लिए बुलाते हैं। बैठक का औपचारिक नाम जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन या संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दलों का कॉन्फ्रेंस है। पहला कॉप 1995 में बर्लिन में आयोजित किया गया था।


विश्व जलवायु शिखर सम्मेलन में भाग लेने दुबई जाएंगे पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने 30 नवंबर व एक दिसंबर को दुबई की दो दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। उन्हें संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने निमंत्रण दिया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के 28वें सम्मेलन (कॉप-28) का उच्च-स्तरीय प्रारूप है। कॉप-28 संयुक्त अरब अमीरात की अध्यक्षता में 28 नवंबर से 12 दिसंबर तक दुबई में हो रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed